
स्वरा भास्कर के 'पद्मावत' वाले बयान के बाद मौलाना साजिद रशीदी का जवाब आया सामने (सोर्स: X-@yrr_aditi_hun/IMDb)
Swara Bhasker Controversy: राजपूत महिलाओं के ऐतिहासिक जौहर को लेकर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का बयान सामने आया है। उन्होंने जौहर को बहादुरी मानने से इनकार करते हुए इसे मजबूरी बताया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के 'पद्मावत' के जौहर सीन पर दिए बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है।
मौलाना साजिद रशीदी ने अपने बयान में कहा कि जौहर को धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने 'पद्मावत' का जिक्र करते हुए कहा कि मलिक मुहम्मद जायसी की रचना कई सदियों बाद लिखी गई थी, इसलिए उसके आधार पर इतिहास और धार्मिक मान्यताओं को जोड़ना उचित नहीं है।
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि इतिहास में ऐसी कई बहादुर महिलाएं हुई हैं, जिन्होंने लड़ते हुए अपनी जान दी। उनके मुताबिक, असली बहादुरी दुश्मन से लड़ने और उसका मुकाबला करने में है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी के हाथों अपनी जिंदगी खत्म कर लेना किस तरह बहादुरी कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी के छू लेने के डर से घर में बैठकर अपनी जिंदगी खत्म कर देना बहादुरी नहीं हो सकती। उनका कहना था कि जौहर को धर्म से जोड़ना भी सही नहीं है, हालांकि कुछ लोग इसे धार्मिक नजरिए से देखते हैं।
मौलाना रशीदी ने अपने बयान में कहा कि इतिहास में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की ऐसी कई महिलाएं हुई हैं, जिन्होंने बहादुरी दिखाई और अपने साहस के लिए याद की गईं। उन्होंने इसी संदर्भ में जौहर को बहादुरी के रूप में पेश किए जाने पर सवाल उठाया।
बता दें कि 'पद्मावत' के जौहर सीन को लेकर स्वरा भास्कर की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हुई थी। अब मौलाना साजिद रशीदी के बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, दोनों के बयानों का संदर्भ अलग है, लेकिन दोनों ही मामलों में ऐतिहासिक जौहर की व्याख्या और उसे 'बहादुरी' कहे जाने को लेकर बहस सामने आई है।
Updated on:
04 Sept 2026 01:58 pm
Published on:
04 Sept 2026 01:58 pm
