
Shubhangi Atre interview: 'भाबीजी घर पर हैं' में अंगूरी भाभी का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे ने अपने संघर्ष के दिनों का दर्द साझा किया है। उन्होंने खुलासा किया कि करियर की शुरुआत में उन्हें टीवी सेट पर कथित तौर पर 'रैगिंग' और बदसलूकी का सामना करना पड़ा, जिस पर शुभांगी ने बताया कि शुरुआत में वो चुप रहीं, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने सम्मान के लिए आवाज उठाना सीख लिया।
हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में शुभांगी अत्रे ने अपने शुरुआती करियर को याद करते हुए कहा कि 'कस्तूरी' उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने बताया कि उस दौरान काम का शेड्यूल बेहद कठिन था और कई बार उन्हें लगातार 2 से 3 दिन तक वैनिटी वैन में ही रहना पड़ता था। उन्होंने ये भी कहा कि आज वो उस संघर्ष दिनों के लिए खुद को लकी मानती हैं क्योंकि उसी दौर ने उन्हें मजबूत बनाया।
इतना ही नहीं, शुभांगी ने आरोप लगाया कि सेट पर प्रोडक्शन टीम के कुछ सदस्य उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते थे। उन्होंने बताया कि जब वो खाना खाने बैठती थीं तो उन्हें बीच में ही टोक दिया जाता था। एक्ट्रेस से कई बार कहा जाता था,"आपका शॉट लगा हुआ है, आप कैसे खा सकती हो?" उनके मुताबिक, उस समय ऐसे व्यवहार ने उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान किया।
शुभांगी अत्रे ने ये भी बताया कि उस दौर में सेट पर महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार ज्यादा देखने को मिलता था कि वो एक साधारण और संस्कारी परिवार से आती हैं, इसलिए शुरुआत में उन्होंने किसी का विरोध नहीं किया। हालांकि, समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि सम्मान बनाए रखने के लिए अपने हक में बोलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए बिना भी अपनी बात मजबूती से रखी जा सकती है।
शुभांगी अत्रे ने 2007 में 'कसौटी जिंदगी की' से अपने टीवी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्हें एकता कपूर के शो'कस्तूरी' में लीड रोल मिली। उन्होंने 'दो हंसों का जोड़ा', 'हवन', 'चिड़ियाघर' और 'अधूरी कहानी हमारी' जैसे कई लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया। बता दें, साल 2016 में उन्होंने 'भाबीजी घर पर हैं' में शिल्पा शिंदे की जगह अंगूरी मनमोहन तिवारी का किरदार निभाना शुरू किया। तब से वो टीवी की सबसे लोकप्रिय कॉमेडी एक्ट्रेस में गिनी जाती हैं।