
Siya Goyal Middle Finger:केतन अग्रवाल मौत मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है कि इस केस से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ चुका है। इस बार चर्चा किसी जांच या पुलिस कार्रवाई की नहीं, बल्कि आरोपी सिया गोयल के उस कथित इशारे की हो रही है, जिसे कई लोगों ने मीडिया के प्रति आपत्तिजनक व्यवहार बताया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और मामला देखते ही देखते ट्रेंड करने लगा।
बताया जा रहा है कि पुलिस पूछताछ के सिलसिले में जब सिया गोयल को उनके घर से बाहर लाया जा रहा था, उस दौरान बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी मौजूद थे। इसी दौरान कैमरों में कैद हुई एक तस्वीर और वीडियो वायरल हो गए, जिनमें सिया कथित तौर पर मीडिया की ओर अभद्र इशारा करती नजर आईं। वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंट गई। कुछ लोगों ने इसे गुस्से की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया, जबकि कई यूजर्स ने इसे अस्वीकार्य और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करार दिया।
इसी बीच मध्य प्रदेश के चर्चित यूट्यूबर अमित किल्होर ने भी इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वायरल तस्वीर साझा करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि ये इशारा शोभा डे और चेतन भगत के लिए है। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई और कई यूजर्स पुराने बयानों को लेकर भी चर्चा करने लगे।
दरअसल, इससे पहले लेखक चेतन भगत और कॉलमनिस्ट शोभा डे के कुछ बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो चुका था। कुछ लोगों का आरोप था कि दोनों ने सिया गोयल के मामले को अलग नजरिए से देखने की कोशिश की थी। इसी वजह से अमित किल्होर की पोस्ट को कई लोगों ने उसी विवाद से जोड़कर देखा। शोभा डे और चेतन ने सिया के एक्शन को उसपर पड़ रहे शादी के दबाव से जोड़कर देखा था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। किसी ने लिखा कि आरोपी को कानून पर पूरा भरोसा है, तो किसी ने तंज कसते हुए कहा कि इतना आत्मविश्वास आखिर आता कहां से है। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि इस तरह की हरकतें चल रही जांच के बीच बिल्कुल भी उचित नहीं हैं।
ये पूरा मामला पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि लोहागढ़ किले पर हुई घटना महज हादसा थी या इसके पीछे कोई साजिश थी। पुलिस इसी सिलसिले में सिया गोयल और अन्य लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण भी कराया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले से जुड़े कई पहलुओं की जांच जारी है और तकनीकी साक्ष्यों के साथ अन्य सबूतों को भी खंगाला जा रहा है। इसी बीच यह भी सामने आया कि सिया गोयल ने पॉलीग्राफ यानी लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए अपनी सहमति दे दी है। हालांकि, ऐसे परीक्षण के नतीजे अपने आप में अंतिम कानूनी साक्ष्य नहीं माने जाते और उनकी उपयोगिता जांच की दूसरी परिस्थितियों पर निर्भर करती है।