Bengali actor Sreelekha Mitra reacts to assault on TMC: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद पर हाल ही में हुए हमले के बीच बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने एक तगड़ा तंज कसा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब सांसद पर हमला हो रहा था, तब वे लोग कहां थे जो अब उनकी सुरक्षा और बचाव की बात कर रहे हैं।
Bengali actor Sreelekha Mitra reacts to assault on TMC: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से राजनीतिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। इसी बीच, दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की खबर ने पूरे राज्य में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस घटना पर अब बॉलीवुड और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर इस कथित हमले का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया और बंगाली भाषा में एक तीखी टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने लिखा कि सोनारपुर में TMC के युवा नेता को जनता के हाथों मार खानी पड़ी और जो लोग हर वक्त उनके नाम की माला जपते थे, वे अब कहां हैं? उन्होंने ये भी लिखा कि अभिषेक ने भले ही हेलमेट पहन रखा था, लेकिन शायद उन्हें अब सोचना होगा कि शरीर के बाकी हिस्सों की सुरक्षा के लिए और क्या पहना जाए। पोस्ट के लास्ट में उन्होंने लिखा,"KARMA।" दरअसल, ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और इसने TMC समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस छेड़ दी।
अब ऐसी खबरें मिली है कि, अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद की हिंसा से पीड़ित परिवारों से मिलने के उद्देश्य से सोनारपुर पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर उन पर ईंटें, पत्थर और अंडे फेंके गए, जिससे उनकी एक आंख में चोट लग गई।
इस घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने मीडिया के सामने बयान दिया। उन्होंने कहा कि ये हमला उनकी जान लेने की कोशिश थी और पूरी घटना कैमरे में कैद है। उन्होंने इसे "BJP-प्रायोजित हमला" करार दिया और कहा कि पुलिस उन्हें पर्याप्त सुरक्षा देने में नाकामयाब रही। बनर्जी ने ये भी कहा, "आप मेरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन मेरा इरादा और भी मजबूत हो जाएगा। ये सिर कभी नहीं झुकेगा।" उन्होंने हाई कोर्ट और राज्यपाल को इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करने की बात भी कही।
इस मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी भी एक्टिव हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP अस्पतालों पर दबाव डाल रही है ताकि अभिषेक बनर्जी को कहीं भर्ती न किया जाए। हालांकि, BJP ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।
तो वहीं, पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस घटना पर बिल्कुल अलग नजरिया पेश किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये कोई सुनियोजित हमला नहीं, बल्कि 15 सालों के TMC शासन के दौरान हुए अत्याचारों के खिलाफ आम जनता का स्वाभाविक आक्रोश है। अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा कि TMC के नेताओं ने लंबे समय तक बदले की राजनीति, दमन और हिंसा का सहारा लिया। अब जब सत्ता बदल चुकी है, तो ये स्पष्ट कर दिया जाना चाहिए कि इस तरह की राजनीति को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।