
Punjab Viral Calf Dance Floor: सोशल मीडिया पर कथित तौर पर पंजाब का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पशु प्रेमियों और आम लोगों को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में एक बछड़े को डांस फ्लोर पर जबरन खींचकर ले जाया जाता है और तेज म्यूजिक के साथ उसके साथ कथित तौर पर क्रूर व्यवहार किया जाता है। इस घटना पर टीवी अभिनेत्री टीना दत्ता समेत कई कलाकारों ने नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और जगह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दो लोग एक जश्न के दौरान डांस करते दिखाई देते हैं। इसी बीच एक बछड़े को जबरन डांस फ्लोर पर लाया जाता है। वीडियो में वो बार-बार वहां से निकलने की कोशिश करता है, लेकिन उसे दोबारा बीच में खींच लिया जाता है। इसी बीच डरा-सहमा जानवर कई बार गिरता भी नजर आता है, जिसके बाद इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस वीडियो को देखने के बाद लोग जानवरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने लगे।
टीवी अभिनेत्री टीना दत्ता ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर इसे बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनके अलावा कई दूसरे कलाकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि मनोरंजन के नाम पर किसी बेजुबान जानवर के साथ ऐसा बर्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वीडियो वायरल होने के बाद पशु संरक्षण से जुड़े संगठनों ने भी पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच कराने की अपील की। उनका कहना है कि अगर वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित लोगों और आयोजन स्थल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका तर्क है कि जानवर किसी भी तरह के मनोरंजन का साधन नहीं हैं और उनके साथ अमानवीय व्यवहार करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
वीडियो सामने आने के बाद हजारों लोगों ने कमेंट कर पंजाब पुलिस और पशु कल्याण संगठनों को टैग किया। कई यूजर्स ने इसे पशु क्रूरता का मामला बताते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कुछ लोगों ने बछड़े की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई और उम्मीद व्यक्त की कि उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया होगा।
फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता और घटना के वास्तविक स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों की ओर से भी इस मामले में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में जांच पूरी होने तक वायरल दावों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है तो पशु क्रूरता से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई संभव है।