
Munawar Faruqui Shares Emotional Jail Story (सोर्स- @munawar.faruqui)
Munawar Faruqui Shares Emotional Jail Story: स्टैंडअप कॉमेडियन और 'बिग बॉस 17' के विजेता मुनव्वर फारूकी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कॉमेडी नहीं, बल्कि वो दर्द है जिसे उन्होंने मंच पर पहली बार खुलकर साझा किया। अपने शो के दौरान मुनव्वर ने जेल में बिताए 37 दिनों की ऐसी दास्तान सुनाई जिसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि जेल सिर्फ सलाखों के पीछे बिताया गया समय नहीं था, बल्कि वो मानसिक और भावनात्मक संघर्ष था जिसने उन्हें भीतर तक बदल दिया।
मुनव्वर ने कहा कि जेल की सबसे बड़ी सजा बंद कमरे या ऊंची दीवारें नहीं होतीं, बल्कि समय का न गुजरना होता है। उन्होंने बताया कि दिन काटने के लिए वो घंटों तक बैरक में चलते रहते थे। उन्हें लगता था कि कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन घड़ी देखने पर पता चलता कि मुश्किल से आधा घंटा ही गुजरा है। यही एहसास उन्हें हर दिन मानसिक रूप से तोड़ता चला गया।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हर शाम जब जेल में रिहाई के लिए कैदियों के नाम पुकारे जाते थे, तब उन्हें उम्मीद रहती थी कि शायद इस बार उनका नाम भी आएगा और वो बाहर निकल जाएंगे। लेकिन हर दिन यह उम्मीद टूट जाती थी। इस इंतजार ने उन्हें अंदर से इतना बेचैन कर दिया कि वह घंटों जेल की खिड़की के पास बैठकर सिर्फ एक आवाज का इंतजार करते रहते थे।
इसी दौरान मुनव्वर ने अपनी मां को याद करते हुए एक बेहद भावुक बात कही। उन्होंने बताया कि उनका दोस्त सदाकत भी उनके साथ जेल में मौजूद था। वो अपनी मां की बीमारी को लेकर परेशान था और उससे कहा कि अगर वो पहले बाहर निकले तो उसकी मां का ध्यान रखे। उसी पल मुनव्वर के मन में ख्याल आया कि 'अच्छा हुआ मेरी मां नहीं है, वरना उन्हें भी यही दर्द झेलना पड़ता।' उन्होंने स्वीकार किया कि ये सोचकर उन्हें खुद पर भी हैरानी हुई, लेकिन जेल का माहौल इंसान को इस कदर तोड़ देता है कि सोचने का तरीका ही बदल जाता है।
कॉमेडियन ने यह भी बताया कि जेल से बाहर आने के बाद भी उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। कई दिनों तक उन्हें नींद नहीं आती थी, छोटी-छोटी बातें भूलने लगे थे और मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि आखिरकार उन्हें मनोचिकित्सक की मदद लेनी पड़ी। डॉक्टर ने उन्हें पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) से जूझने की बात कही और इलाज की सलाह दी। हालांकि मुनव्वर ने कहा कि वह उन यादों को पूरी तरह मिटाना नहीं चाहते थे, क्योंकि वही अनुभव आगे चलकर उनकी कला और कहानी कहने की ताकत बने।
उन्होंने खुलासा किया कि जेल से निकलने के बाद उन पर लाखों रुपये का कर्ज भी था। कई शो रद्द हो चुके थे और काम लगभग बंद हो गया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने जेल के अनुभवों को ही स्टैंडअप शो में बदल दिया और उसी कहानी ने उन्हें फिर से दर्शकों के बीच खड़ा कर दिया। बाद में यही शो ओटीटी प्लेटफॉर्म तक पहुंचा और उनके करियर को नई दिशा मिली।
Updated on:
14 Jul 2026 09:50 am
Published on:
14 Jul 2026 09:50 am
