बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लहरी जितना अपने संगीत के लिए मशहूर थे उतना ही उन्हें वे सोने से लगाव को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। बप्पी लहर के करीबी ने बताया है कि उनके निधन के बाद एक किलो से ज्यादा गोल्ड अब किसे मिलेगा और कौन इसकी देखभाल करेगा।
बॉलीवुड सिंगर और म्यूजिक डॉयरेक्टर बप्पी लहरी ने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। उनके जाने से संगीत प्रेमियों को तगड़ा झटका लगा है। 'डिस्को किंग' बप्पी अपने संगीत के लिए तो जाने जाते ही थे, इसके साथही साथ ही उनका गोल्ड के प्रति लगाव हमेशा चर्चा में रहता था। हमेशा गले में कई मोटी-मोटी चेन, हाथों में भारी भरकम कड़े और कई अंगुठियां उनके पहनावे में शामिल थी और फिर उनकी पहचान भी बन गई थी। बप्पी दा के निधन के बाद हर किसी के जहन में ये सवाल है कि आखिर उनके जाने के बाद उनका सोना किसको मिलेगा। बता दें कि बप्पी दा अपने पीछे एक किलो से ज्यादा सोना छोड़ गए हैं।
बप्पी लहरी के लिए ये आभूषण बहुत खास थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि बप्पी दा के पास जितनी भी चेन थी उन्होंने उनके बड़े ही खास नाम रखे थे। वो हर धनतेरस पर गोल्ड की एक चेन खरीदते थे।
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महान संगीतकार बप्पी दा के करीबी की मानें तो बप्पी दा अपने सोने के लिए बेहद सुरक्षात्मक थे। वो व्यक्तिगत रूप से अपने सोने के गहनों की सफाई और रखरखाव का काम करते थे।
बप्पी दा पश्चिम के हिप-हॉप और आर एंड बी संगीत से काफी प्रभावित थे। वह खुद को हॉलीवुड के संगीतकारों के समान ही मानते थे और Dr Dre और अन्य हिप-हॉप कलाकारों जैसे प्रसिद्ध निर्माता की लीग में शामिल करते थे, जिन्होंने चमकदार हीरे की जंजीरें पहनी थीं, जिन्हें वे 'आइस' ( बर्फ) कहते थे।
बप्पी दा के पास एक विशेष सहायक भी था जो उसके सभी सोने के आभूषणों की देखभाल करता था। उन्होंने हर आभूषण की एक व्यक्तिगत सूची बनाई गई थी। सोने के प्रति उनके प्रेम की कोई सीमा नहीं थी।
कथित तौर पर, किसी गाने या एल्बम की सफलता के बाद, बप्पी दा रॉयल्टी की कमाई से सोने के गहने खरीदते थे। सोने के साथ उनका संबंध लगभग आध्यात्मिक भी था।
बप्पी दा के एक दोस्त ने बताया 'वे सोने के साथ एक गहरा और निजी रिश्ता साझा करते थे. ये उनके लिए सिर्फ गहना नहीं था. उन्हें इसका एहसास था कि सोना ही उनका सिग्नेचर लुक बन गया है।
कुछ मौके पर जब सेलेब्स और फैंस बप्पी दा से उनके सोने की चेन के साथ फोटो लेने की इजाजत मांगते थे, तो बप्पी दा अपने अनोखे अंदाज में विनम्रता के साथ मना कर देते थे।
बप्पी दा के निधन के बाद हर किसी के जहन में ये सवाल है कि आखिर उनके बेशकीमती जूलरी का क्या होगा। अब उनका सोना किसे मिलेगा? बप्पी दा ने वर्षों से जंजीरें, पेंडेंट, अंगूठियां, कंगन, गणेश की मूर्तियां, हीरे से जड़े आकर्षक कंगन, यहां तक कि सोने के फ्रेम और सोने के कफलिंक जमा किए हैं। ये सभी जूलरी एक प्रोटेक्टिव बॉक्स में है, जो उनके परिवार की विरासत का हिस्सा हैं।
परिवार के एक दोस्त ने खुलासा किया कि बप्पी दा के बच्चे, बप्पा और बेटी रीमा ने अपने पिता के गोल्ड जूलरी को संरक्षित रखने का फैसला लिया है। वे अपने पिता की लेगेसी को हमेशा ऐसे ही रखने का प्लान कर चुके हैं।
बप्पी दा जो चेन और अंगूठी रोज पहनते थे, उन्हें एक अलग डिब्बे में रखा गया है जिसे बप्पी दा हमेशा अपने साथ रखते थे। वहीं सोने के कई तोहफे उनके प्रशंसकों से और उनके साथ काम करने वालों से मिला है। ये सब अब विरासत के तौर पर सुरक्षित रखा जाएगा।
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