बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए पीड़ित अपने मासूम बच्चों के साथ थाने के चक्कर लगाता रहा लेकिन उसको भगा दिया गया।
एटा। मथुरा में मां-बाप की हत्या का पर्दाफाश न होने से आहत बेटी ने जहां जहर खाकर जान दे दी वहीं एटा में भी पिछले पांच दिनों से मासूम बच्चे अपने भाई के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए धरने पर बैठे हैं। पुलिस के नाकारेपन के चलते दबंग जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार गांव से पलायन करने को मजबूर हो गया। अब अपने भाई के हत्यारों को सजा दिलाए जाने के लिए मासूम धरनो पर बैठे हैं, बच्चों ने अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी है।
रंजिशन कर दी गई हत्या
एटा की पुलिस ने मथुरा की घटना के बाद भी सबक नहीं लिया। ताजा मामला एटा के थाना जसरथपुर के नगला जयमल का है। यहां के रहने वाले ओमप्रकाश के 17 वर्षीय बड़े बेटे राधेश्याम की रंजिश के चलते 10 सितम्बर को गांव के ही दबंग शूरवीर, भूपेन्द्र समेत पांच लोगों ने गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या का रुप देने के लिए उसके शव को पेड़ से लटका दिया। परिवार के सबसे बड़े बेटे राधे-श्याम की हत्या से मानो परिवार बिखर गया। हत्या के बाद पिता ओमप्रकाश ने गांव के पांच दबंगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ करना तो दूर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और जांच के नाम पर खानापूर्ति कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।
मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
बेटे को खोने के बाद उसके हत्यारों को सजा दिलाने के लिए पीड़ित अपने मासूम बच्चों के साथ थाने के चक्कर लगाता रहा लेकिन उसका आरोप है कि उसे थाने से दुत्कार कर भगा दिया गया। वहीं दबंगों द्वारा पीड़ित परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी के चलते खौफजदा है और पूरे परिवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय से सटे धरना स्थल पर पिछले पांच दिनों से धरना दे रहा है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारकियों ने उनके दर्द को समझने तक की कोशिश नहीं की। पीड़ित ओम प्रकाश के पांचों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और मृतक भाई की लाडली बहन और आठवीं की छात्रा ललिता ने अपने भाई के हत्यारों को सजा न मिलने तक पढ़ाई छोड़ने का ऐलान कर दिया है। पीड़ित मासूम बेटी ने रोते हुए मुख्यमंत्री से भाई के हत्यारों को सजा दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस के आला अधिकारी इस मामले पर सिर्फ आश्वासन और जांच की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।