निधौली कलां के सीएचसी का है मामला, सीएमओ ने दिए जांच के आदेश।
आगरा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर के अंदर सरकारी आवास में अवैध रूप से गर्भपात का धंधा चल रहा था। यह खुलासा तब हुआ चिकित्सा अधीक्षक अपने आवास की ओर जा रहे थे। इस मामले में बेसिक हैल्थ वर्कर और एक स्वीपर पकड़ा गया। कमरे को सील करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
ये है मामला
ये मामला निधौली कलां स्थित सीएचसी का है। यहां पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महराज सिंह ने अपने आवास की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने स्वीपर राजू और उसकी पत्नी कौशल्या चिकित्सकीय ग्लब्स पहने नजर आई। मामला संदिग्ध होने पर डॉ. महराज सिंह ने अस्पता से डॉ. उजमा अख्तर, डॉ. स्वाति कटियार, एचवी सुधा रानी, स्टाफ नर्स दीपमाला मिश्रा सहित अन्य स्टॉफ को बुला लिया। टीम के साथ उन्होंने आवास पर छापा मारा। अंदर का नजारा देख चिकित्सा अधिकारी के होश उड़ गए।
अंदर हो रहा था गर्भपात
कमरे के अंदर गांव गहेतू की एक महिला मौजूद थी, जिसका गर्भपात किया जा रहा था। कमरे में खून से सने औजार रखे हुए थे। इस कार्य में अस्पताल में ही तैनात बीएचडब्लू शकुंतला भी शामिल थीं, जबकि कौशल्या उसका सहयोग कर रहीं थीं। मामले को गंभीरता से देखते हुए अधीक्षक ने गर्भपात कराने का पूरा सामान अपने कब्जे में लेकर कमरा सील कर दिया। सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल ने इस मामले में बताया कि जिला मुख्यालय से जांच के लिए एक टीम भेजी जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।