बच्चे के गाल व कान पर चोट के काफी निशान हैं। वह यहीं नहीं रुका, उसने उसको गंदी-गंदी गालियां भी दीं।
सैफई/इटावा. समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के गृह नगर सैफई में एक दरोगा का एक नाबालिग बच्चे पर ढाहे जा रहे कहर की वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में दरोगा बच्चे की बाल पकड़कर जमकर पिटाई करता हुआ नजर आ रहा है। मोबाइल चोरी के आरोप में दरोगा ने मासूम पर कहर बरसाया। आरोप है कि बाद में दरोगा ने 10 हजार रुपए लेकर उसे छोड़ दिया। दो दिन पूर्व सैफई थाने का दरोगा योगेंद्र शर्मा पीजीआई टेम्पो स्टैंड से एक 14 साल के नाबालिग बच्चे को मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़कर थाने ले आया। इसके बाद उसने उसकी बेरहमी से पिटाई की।
दरोगा की लाठी उस नाबालिग पर कहर बनकर टूटी। मासूम चिल्लाता रहा, लेकिन दरोगा का ह्रदय नही पसीजा। गालियां देकर उसकी मारपीट करता रहा। यही नहीं, पुलिस को उस नाबालिग से कुछ बरामद नहीं हुआ तो उसके भाई की भी जमकर पिटाई की। बच्चे के गाल व कान पर चोट के काफी निशान हैं। वह यहीं नहीं रुका, उसने उसको गंदी-गंदी गालियां भी दीं। मासूम को छोडऩे के एवज में दरोगा ने उसके परिजनों से दस हजार रुपए की मांग की। रुपए मिलने के बाद उसने मासूम को छोड़ दिया। इसका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।
लाठी और थप्पड़ों से जमकर की पिटाई
थाना करहल जिला मैनपुरी के ग्राम नगरीय निवासी निवासी राम सिंह (बदला हुआ नाम) का 14 वर्षीय पुत्र सैफई अस्पताल में दवा लेने आया था। उसके पेट व बाहों में दर्द रहता है। जैसे ही नाबालिक टेम्पो से नीचे उतरा तो उसे सैफई थाने के दरोगा ने पकड़ लिया और सीधे थाने ले गया। दरोगा ने आते ही लाठी और थप्पड़ों से उसकी पिटाई शुरू कर दी। दरोगा योगेंद्र सिंह ने कहा कि मोबाइल तूने सैफई पीजीआई से चुराए हंै। वह वापस कर दे। बच्चा दरोगा से बार-बार कहता रहा कि उसने मोबाइल नहीं चुराया है, लेकिन निर्दई दरोगा ने उसकी एक भी नहीं सुनी और लगातार पिटाई करता रहा। दरोगा का इतने से मन नहीं भरा तो उसने बच्चे के कान खीचे और लात-घूसों से मारा। यह पूरा वाक्या किसी ने चोरी से अपने मोबाइल में कैद कर लिया। अब यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। आपको बताते चलें कि इस बच्चे का परिवार मैनपुरी जिला करहल विधान सभा के एक गांव नगरिया में रहता है। यह एक निर्धन परिवार है, जो एक झोपड़ी में अपने दो बच्चों और एक बेटी के साथ रहते हैं। यह बच्चा इटावा जिले के सैफई अस्पताल से दवा लेने आया था, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि दरोगा ने उसके मां-बाप से दस हजार रुपए उसे छोडऩे के एवज में ऐठ लिए।
यह भी पढ़ें... राजपाल यादव की बेटी, शामिल होंगी ये बालीबुड व राजनीतिक हस्तियां" target="_blank"> इटावा की बहू बनेंगी अभिनेता राजपाल यादव की बेटी, शामिल होंगी ये बालीबुड व राजनीतिक हस्तियां
दरोगा ने दी धमकी, कहा- दोबारा दिखा तो जेल में डाल दूंगा
वहीं, पीडि़ता की मां मीरा देवी ने रोते हुए बताया कि हम लोग भूमिहीन हैं। मैं मजदूरी पर गई थी। अगर दवा लेने बच्चे के साथ जाती तो एक दिन की मजदूरी का नुकसान हो जाता। इसलिए बच्चे को अकेला भेज दिया। मुझे क्या पता कि मेरे बच्चे पर पुलिसिया कहर टूटेगा। आज मेरा बच्चा डरा सहमा है। उसकी हालत खराब है। कानों में दर्द है। कनपटी पर दरोगा के नाखूनों के निशान हैं। मेरे पति ने कर्ज पर दस हजार लेकर दरोगा को दिए। उसके बाद मेरे बच्चे को घर छोडऩे आया। जब दरोगा बच्चे को घर छोडऩे आया तो मुझे भी गंदी-गंदी गालियां दीं। उन्होंने बताया कि दरोगा जाते-जाते धमकी दे गया कि अगर तेरा लड़का दोबारा सैफई में दिखा तो जेल भेज दूंगा।
नाबालिग से नहीं बरामद हुआ मोबइल
जब नाबालिग के मामले में दरोगा योगेंद्र सिंह से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि नाबालिग बच्चे से कोई मोबाइल बरामद नही हुआ है। मारपीट के बाबत उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।