सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवाद शब्द पर टिप्पणी करने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जमकर उनपर तंज कसा
इटावा. अपने गृह जनपद लायन सफारी का निरीक्षण करने आए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जमकर भाजपा की नीतियों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा और सपा के गठबंधन को तोड़ने और उन्हें कमजोर करने के लिए भापजा सरकार नए-नए प्रयास कर रही है।
भाजपाइयों के पेट में खलबली
जाहिर है कि गोरखपुर और फूलपुर चुनाव में भापजा को मिली करारी हार के बाद सपा और बसपा का मजबूत गठबंधन हुआ। सपा-बसपा एक ही विचारधारा पार्टी हैं। बावजूद इसके प्रदेश में सपा-बसपा के गठबंधन पर आपत्ति है। अखिलेश यादव ने कहा कि सिर्फ बातचीत पर ही भाजपाइयों के पेट में खलबली मचने लगी है। जब आगे तक गठवंधन चलेगा, तब क्या होगा।
समाजवाद पर टिप्पणी करना सही नहीं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वे देश को समाजवाद नहीं बल्कि राष्ट्रवाद बनाना चाहते हैं। बस इसी बात पर अखिलेश यादव ने उनपर तंज कसा है। अखिलेश ने कहा है कि संविधान में भी समाजवाद शब्द का जिक्र किया गया है। उनका कहना है कि एक मुख्यमंत्री का समाजवाद पर टिप्पणी करना सही नहीं है। समाजवाद पर टिप्पणी करने वालों को चाहिए कि वह पहले संविधान का ठीक से अवलोकन करें। सीएम ने जो अंग्रेजी में किताब लिखवाई है, उसमें भी समाजवाद का जिक्र किया है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर दिया जोर
अखिलेश यादव ने बैलेट पेपर से चुनाव आयोजित कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मशीन पर गुस्सा नहीं है पर चुनाव बैलेट पेपर से हो तो ठीक है।
आपको बता दें कि सीएम योगी ने कहा था कि समाजवाद 'मृगतृष्णा' से जयादा और कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि देश समाजवाद नहीं बल्कि रामराज्य चाहता है। इस पर अखिलेश यादव का गुस्सा इस कदर फूटा था कि उन्होंने सीएम योगी को पद से इस्तीफा देने तक के लिए कह दिया था। उनका मानना है कि इस तरह समाजवाद शब्द का उपयोग करना अवमानना है।