इटावा

अखिलेश यादव ने कहा- युद्ध क्षेत्र से भटककर कोई मिसाइल तो नहीं गिरी? सैफई के इस गांव में दहशत

Drone fell in Etawah: इटावा के एक खेत में भारी-भरकम ड्रोन गिरने से क्षेत्र में दहशत फैल गई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर बीजेपी सरकार पर सवालिया निशान लगा कटाक्ष किया है। ‌

2 min read
Apr 04, 2026
फोटो सोर्स- X अखिलेश यादव

A very large drone fell in Etawah: इटावा के खेत में बड़े ड्रोन के गिरने से क्षेत्र में दहशत फैल गई। स्थानीय लोग इतने भयभीत थे कि नजदीक जाने में डर रहे थे। खेत में भी काफी नुकसान हुआ। इस संबंध में अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि युद्ध के माहौल में अचानक खेत में एक बड़े ड्रोन के गिरने से लोगों में दहशत है।‌ यह ड्रोन गेहूं के खेत में गिरा है। जिसके गिरने से गांव में अफरातफरी मच गई। अखिलेश यादव ने इतने बड़े ड्रोन के गिरने पर आपत्ति दर्ज की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यदि किसी सरकारी परीक्षण या एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है तो पहले नागरिकों को सूचना देकर आगाह करना चाहिए था। इस तरह लोगों को दहशत में डालना ठीक नहीं है।‌ मामला सैफई क्षेत्र का है।‌

ये भी पढ़ें

नवाब सिंह यादव रेप कांड: महिला सहआरोपी को पुलिस ने साध्वी के रूप में पकड़ा, करा चुकी है पिंडदान

गेहूं के खेत में गिरा ड्रोन

उत्तर प्रदेश के इटावा के सैफई के नंदपुर गांव में उस समय दहशत और अफरा-तफरी मच गई। जब युद्ध के माहौल में अचानक खेत में बड़ा ड्रोन गिर गया। गेहूं के खेत में ड्रोन गिरने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ड्रोन इतना बड़ा था कि लोगों ने इसे मिसाइल समझा।

सैफई इलाके के नंदपुर गांव में गिरा ड्रोन


अखिलेश यादव ने युद्ध से जोड़कर देखा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि यदि यह किसी सरकारी परीक्षण या एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है, तो पहले लोगों को इसकी जानकारी देनी चाहिए, जिससे वे सावधान रहें। अखिलेश यादव ने लिखा कि इटावा जिले के सैफई इलाके के नंदपुर गांव में दहशत और अफरातफरी मच गई। लोगों ने सोचा कहीं कोई मिसाइल तो नहीं, जो युद्ध क्षेत्र से भटक कर यहां आ गिरी है।

खेत की बजाय बस्ती पर गिरता तो क्या होता?

अगर ये किसी सरकारी परीक्षण, टेस्ट या एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है तो प्रदेश के नागरिकों को पहले से सूचना देकर आगाह करना था। जब लोगों में यह विश्वास है कि ड्रोन उड़ेगा नहीं तो आम लोगों के इलाके में इसे उड़ाने का जोखिम क्यों उठाया गया? कहीं ये खेत की बजाय आस-पास की किसी बस्ती पर गिर जाता तो क्या होता? जान-माल नुकसान भी हो सकता था।

जांच करने की मांग

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि सरकार इस मामले में जांच बैठाई जाए। इसके साथ ही किसान को हुए नुकसान की मूल्यांकन करके मुआवजा दिया जाए इस घटना से किसान को आर्थिक हानि के साथ मानसिक आघात भी पहुंचा है। यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई योजना है तो इन टेस्ट एक्सपेरिमेंट्स को निर्धारित स्थान पर ही किया जाए, जिससे आज भी घटना की पुनरावृत्ति ना हो।

ड्रोन नहीं उड़ा पा रहे तो हवाई जहाज क्या उड़ायेंगे

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में कोई भी परीक्षण सफल नहीं हो पा रहा है।‌ सैफई की जनता पूछ रही है कि जब भाजपाई ड्रोन नहीं उड़ा पा रहे हैं तो सैफई की हवाई पट्टी से हवाई जहाज कैसे उड़ाएंगे। भाजपा पर सैफई हवाई पट्टी को राजनीतिक विद्वेष के कारण रखरखाव नहीं कर रही है। हवाई पट्टी सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रही है।‌

Also Read
View All

अगली खबर