
Akhilesh Yadav on Election Commission: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इटावा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने नेताजी को याद करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। इसी मौके पर उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उत्तर प्रदेश में संपन्न हुए उपचुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विपक्ष के राष्ट्रपति भवन मार्च और चुनाव आयोग पर उठे सवालों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति महोदया से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने पूछा कि, अगर किसी राजनीतिक दल को लगता है कि चुनाव आयोग ने उनके साथ न्याय नहीं किया है, तो उसका सबूत दें।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में हुए सभी उपचुनावों के दौरान BJP ने प्रशासन की ताकत का जमकर दुरुपयोग किया। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में बीजेपी ने चुनाव अधिकारियों के साथ मिलकर प्रशासन की ताकत का दुरुपयोग किया है। कई जगहों पर तो पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में वोट डालने का मौका दिया गया।
सपा प्रमुख ने कहा कि उपचुनावों में बड़े पैमाने पर अन्याय हुआ है और लोगों से उनके वोट का अधिकार छीना गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने साजिश के तहत फॉर्म 7 भरवाकर सपा समर्थकों के वोट कटवाए। अखिलेश ने सुल्तानपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां नंदलाल निषाद नाम के व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म 7 भरा गया, जबकि पूछताछ में पता चला कि वह व्यक्ति केवल अंगूठा लगाना जानता है, हस्ताक्षर करना नहीं।
अखिलेश यादव ने लखनऊ के स्वर्णनगर और बिधूना विधानसभा क्षेत्र का भी जिक्र किया, जहां नियमों को ताक पर रखकर सैकड़ों फर्जी फॉर्म 7 भरवाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मीरापुर में एक पुलिस अधिकारी ने रिवॉल्वर तानकर वोटिंग रोकने का काम किया। सपा ने इन सभी मामलों की जानकारी चुनाव आयोग को दी, लेकिन आयोग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज तकनीक के जरिए यह तय किया जा रहा है कि वोटर लिस्ट में किसका नाम होगा। अगर आप बीजेपी के सदस्य हैं, तभी आपका वोट बनेगा, अन्यथा नहीं।
बीजेपी नेता नितिन नवीन के बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा कि जब सवाल चुनाव आयोग से पूछा जा रहा है, तो बीजेपी उसका बचाव क्यों कर रही है। यह साफ साबित करता है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन अब वह विश्वसनीय नहीं बचा है। समाज के हर वर्ग से आवाज उठ रही है कि चुनाव आयोग में बैठे लोग बेईमानी कर रहे हैं। अखिलेश ने बंगाल चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि वहां ममता बनर्जी हारी नहीं थीं, बल्कि फोर्स लगाकर चुनाव लूटा गया था।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि यह हमारे लिए सबसे बड़ी परीक्षा है। लगभग 50 दिन बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान हो जाएगा। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि अगर बीजेपी फिर से सत्ता में लौटी, तो वह लोकतंत्र को खत्म कर देगी और भविष्य में चुनाव ही नहीं होंगे। इसलिए अब उत्तर प्रदेश का किसान, नौजवान, व्यापारी और PDA समाज ही इस देश के संविधान को बचाएगा।