
Uproar in Bhagwat Katha of Dalits इटावा में भागवत कथा के दौरान नशे में आए युवकों ने व्यास गद्दी पर बैठने का प्रयास किया। रोकने पर तोड़फोड़ की। तमंचा लहराकर लोगों के साथ मारपीट की। कथा स्थल पर रखी फोटो आदि को भी फेंक दिया। भागवत कथा को बंद करने की धमकी दी। आयोजकों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीण थाना पहुंच गए और कार्रवाई करने की मांग की। थाना प्रभारी ने बताया कि मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीन नामजद को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई की जा रही है। मामला उसराहार थाना क्षेत्र का है।
उत्तर प्रदेश के इटावा के उसराहार थाना क्षेत्र अंतर्गत भौरजपुर में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें 11 जनवरी को भंडारा का भी आयोजन है। दिन में कथा और रात में कीर्तन का कार्यक्रम चलता है। अखिलेश ने बताया कि भागवत कथा के दौरान शराब के नशे में महिपाल यादव, संजीव यादव, भूरे यादव, राम यादव निवासी नगला जींद, महेंद्र सिंह और रितिक कुमार निवासी मेंदीपुर अपने अन्य साथियों के साथ मौके पर आ गए। सभी ने हाथों में लाठी डंडा ले रखा था।
अखिलेश ने बताया कि जबरन भागवत कथा को बंद करने की धमकी दी गई। साउंड और मशीनों के साथ तोड़फोड़ की गई। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की फोटो को भी फेंक दिया गया। विरोध करने वालों की पिटाई की गई, जिससे राहुल, बृजपाल, अखिलेश, गौरव को चोटें आईं। सभी घायल हो गए। इस दौरान जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया।
अखिलेश के अनुसार श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन दलित समाज मिलकर करा रहे थे। जिसमें उत्पात मचाया गया है। रात में घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। दिन में बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर से थाना पहुंच गए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
क्षेत्राधिकारी भरथना राम दमन मौर्य ने बताया कि मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार किया गया है। बाकी को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।