इटावा

कमजोर पश्चिमी विक्षोभ का असर: मौसम गरम, मार्च महीने में हीट वेव, अप्रैल-मई में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी

Record-breaking heat in 2026 : 2025 की तरह 2026 में भी तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया है। मौसम वैज्ञानिक ने मार्च-अप्रैल महीने में भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी दी है। बोले, "सूरज की किरणें सीधे धरातल पर पड़ रही हैं।"

2 min read
Feb 20, 2026
फोटो सोर्स- पत्रिका

IMD alert about heat waves: मौसम विभाग ने मार्च से हीट वेव के आने की चेतावनी दी है। अप्रैल में गर्मी चरम पर होगी। जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होगा। इसका असर जल संसाधन और स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि फरवरी महीने में तापमान का असामान्य रूप से बढ़ना आकस्मिक घटना नहीं बल्कि कई वैज्ञानिक और पर्यावरणीय कारणों का संयुक्त परिणाम है। 2025 की तरह 2026 में भी शुरुआत में तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया है। जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण सर्दियों का समय छोटा हो गया है।

ये भी पढ़ें

रायबरेली में तेज रफ्तार स्कूल वैन अनियंत्रित होकर पलटी, 20 बच्चों में मची चीख-पुकार

बर्फीली हवाओं के आने पर लगी रोक

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं का मैदानी इलाकों में पहुंचना कम हो गया है। इसकी जगह पश्चिम क्षेत्र से आने वाली गर्म हवाओं ने ले ली है। जिसके कारण लोगों को जल्दी गर्मी का एहसास हो रहा है।‌ बादलों की कमी के कारण दिन में आसमान पूरी तरह साफ है। सूरज की किरणें सीधे धरातल पर पड़ रही हैं जिससे धरती तेजी से गर्म हो रही है।

कमजोर पश्चिमी विक्षोभ से गर्मी बढ़ी

मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि उत्तर भारत में 2026 की फरवरी में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इसका प्रमुख कारण कमजोर और कम पश्चिमी विक्षोभ है। आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी होती है जिससे तापमान भी नियंत्रित रहता है, लेकिन 2025-26 में ऐसा नहीं है। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी बर्फीली हवाओं का मैदानी भागों में पहुंचना भी कम हो गया है। इसकी जगह पछुआ हवाओं ने ले ली है। जिससे जल्दी गर्मी का एहसास हो रहा है। 2025 की तरह 2026 की भी शुरुआत सामान्य से अधिक तापमान के साथ हो रही है।

फरवरी महीने में तापमान में वृद्धि

फरवरी महीने में तापमान का असामान्य रूप से बढ़ जाना कोई सामान्य मौसम में बदलाव नहीं है बल्कि जलवायु परिवर्तन, आयरलैंड प्रभाव, महासागरीय घटनाओं के साथ शहरी हीट है, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले महीनों में भीषण गर्मी और हीट वेव चलने की संभावना है। धरती का तापमान लगातार ऊपर जा रहा है।

तापमान 25 से 38 डिग्री पहुंचने का अनुमान

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि फरवरी महीने में ठंडक बनाए रखने में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय भूमिका निभाता है। यह बारिश, बादल और तापमान को नियंत्रित करता है। इस वर्ष काफी कमजोर पश्चिमी विक्षोभ भी आया है, जिससे औसत के बराबर बारिश नहीं हुई और सूरज की किरणें सीधे धरातल पर पहुंच रही हैं। मार्च और अप्रैल में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में मार्च महीने में हीट वेव शुरू होने की संभावना है जिसके कारण तापमान 35 से 38 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। पिछले साल की तुलना में मार्च और अप्रैल की गर्मी और अधिक रहने की संभावना है।

Also Read
View All

अगली खबर