
इटावा. इटावा में लखना मन्दिर के लिए दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं पर कहर उस वक्त टूट पड़ा जब एक डम्फर और ऑटो की भिड़ंत हो गई, जिसमें 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी, वहीं पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गये, तीन की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। चकरनगर की ओर से एक ऑटो, जो लखना की तरफ जा रहा था, वो विपरीत दिशा से आ रहे डंपर से भिड़ गया।परिणाम स्वरुप घटनास्थल पर ही 5 लोगों की मौत हो गई, वहीं अन्य पांच की हालत गंभीर बनी हुआ है और 3 की हालत नाजुक है।
एक घंटे बाद पहुंती थाना पुलिस एवं सहायता-
जब इस दुर्घटना की खबर क्षेत्र में फैली तो चारों तरफ से लोग इकखट्टा हो गए, लेकिन थाना लवेदी पुलिस और संबंधित कोई भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान तीन लोग बुरी तरह से तड़पते हुए नजर आए। एक घंटे बाद दूसरे थाने के थानाध्यक्ष बकेवर आलोक राय अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने घायलों को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा। उसके करीब 20 मिनट के बाद थाना चकरनगर और अन्य संबंधित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
घटनास्थल के बेहद करीब था थाना-
यहां पर विचारणीय तथ्य यह है कि जिस वक्त घटना की सूचना डायल 100 और एंबुलेंस को दी गई, यदि उस के कुछ ही पलों में वह मौके पर पहुंच जाती, तो तड़प रहे कई मरीजों को राहत मिल सकती थी। इस घटना पर पुलिस द्वारा की गई निष्क्रियता इस बात को साबित करती है कि थाना लवेदी पुलिस में कोई मानवता नहीं है, जबकि थाना क्षेत्र लवेदी घटनास्थल से बहुत नजदीक है।
लोगों में भारी आक्रोश-
थानाध्यक्ष बकेवर आलोक राय काफी भीड़ भाड़ वाला इलाका पार करते हुए घटनास्थल पर सूचना पाते ही पहुंच गए, लेकिन थाना पोस्ट लवेदी मौके पर नहीं पहुंच सकी। उसकी वजह क्या थी, यह तो अफसरान जान सकते हैं। उसके बाद घटनास्थल से तड़प रहे मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से प्राथमिक चिकित्सा हेतु इमरजेंसी अस्पताल इटावा के लिए भेजा गया। घटनास्थल से कई बार सूचना देने हेतु प्रयास किए गए, लेकिन कोई भी 100 डायल गाड़ी घटनास्थल पर नहीं पहुंची। दृश्य को देख रहे लोगों में भारी आक्रोश था। दुर्घटना में घायल और मृतकों को जरौली थाना बढ़पुरा का बताया जा रहा है।