इटावा

आयुर्विज्ञान संस्थान की बड़ी उपलब्धि: बनाया डीएनए फिंगरप्रिंट उपकरण, होगी सटीक जेनेटिक पहचान

Uttar Pradesh Medical University achieved big achievement इटावा के आयुर्विज्ञान संस्थान में डॉक्टरों की टीम ने महत्वपूर्ण उपकरण बनाया है। जिसे भारत सरकार में पेटेंट प्रदान किया है। इस उपकरण का लाभ क्लीनिकल क्षेत्र सहित अन्य मामलों में मिलेगा।

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Sep 08, 2025
फोटो सोर्स- 'X' सैफई मेडिकल कॉलेज)

Uttar Pradesh Medical University achieved big achievement इटावा के सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के डॉक्टरों की टीम ने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं प्रोफाइलिंग उपकरण बनाया है। जिसे भारत सरकार से पेटेंट प्रदान किया गया है। क्लीनिकल क्षेत्र को इसका काफी लाभ मिलेगा। रोगियों की उपचार में काफी मदद मिलेगी। फॉरेंसिक जांच और जेनेटिक पहचान में सहायक है। टीम को कुलपति सहित अन्य डॉक्टरों में बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए ही नहीं प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

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आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि

उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने बड़ी चिकित्सा विभाग में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टर संजय कुमार कनौजिया, डॉक्टर अजमत कमाल अंसारी, डॉक्टर मंजिला स्वाले, डॉक्टर गीता मौर्या, डॉक्टर सजग कुमार गुप्ता आदि की टीम ने डीएनए फिंगरप्रिंट और प्रोफाइलिंग के लिए मेडिकल उपकरण विकसित किया है। जिसे भारत सरकार की ओर से पेटेंट किया गया है। ‌मेडिकल कॉलेज के कुलपति प्रोफेसर डॉ अजय सिंह ने टीम के सदस्यों को बधाई दी है।

अन्य को प्रेरणा मिलेगी

उन्होंने कहा कि इस उपकरण से क्लिनिकल प्रैक्टिस में काफी मदद मिलेगी। समाज कल्याण के क्षेत्र में भी यह उपकरण महत्वपूर्ण साबित होगा। इस प्रकार के शोध संकाय के अन्य सदस्यों और छात्रों को प्रेरित करता है। नए-नए शोध के लिए उन्हें प्रेरणा मिलेगी। चिकित्सा विज्ञान के विकास के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।

क्लीनिकल क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका करेगा अदा

प्रोफेसर अजय कुमार सिंह ने कहा कि डीएनए फिंगरप्रिंट एवं प्रोफाइलिंग उपकरण क्लीनिकल क्षेत्र के रोगियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। फॉरेंसिक जांच, पर्सनलाइज्ड मेडिसीन और सटीक जेनेटिक पहचान में भी यह उपकरण सहायक होगा। पापुलेशन हेल्थ रिसर्च, अनुवांशिक अध्ययन, रोग मानचित्रण, आणविक डायग्नोस्टिक की जांच को गति प्रदान करेगा। यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति प्रोफेसर रमाकांत, प्रोफेसर आदेश कुमार सहित अन्य ने भी टीम के सदस्यों को बधाई दी है। उन्होंने बताया है कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

सर्टिफिकेट में उनके नाम दर्ज

महानियंत्रक पेटेंट डिजाइन एवं व्यापार चिन्ह की तरफ से जारी सर्टिफिकेट में डॉ संजय कुमार कनौजिया, डॉक्टर प्रमोद कुमार सिंह यादव, डॉक्टर चेतन यादव, डॉक्टर पंकज कुमार सिंह, डॉक्टर अलका सिंह, डॉक्टर अभिलाषा स्मिथ, डॉ अजमत कमाल अंसारी, डॉक्टर मंजिला स्वाले, डॉ गीता मौर्या, डॉक्टर सजग कुमार गुप्ता के नाम अंकित है।

Updated on:
08 Sept 2025 04:53 pm
Published on:
08 Sept 2025 04:48 pm
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