
इटावा. इटावा के भरथना में आंधी ने जमकर कहर बरपाया है। गांव में आंधी तूफान आ जाने की वजह से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। हालत ये है कि जिन किसानों के खेत कटने के लिए रह गए थे, उनमें कुछ नहीं बचा। पहले से ही डरे किसानों पर इस बार प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया है, कि इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गयी हैं।
तेज हवा के साथ सूखे ओले पड़ने की वजह से सब कुछ खत्म हो गया है। किसानों में हाहाकार मच गयी है। जिन किसानों के बोझ खेतों में ही पड़े हुए थे, उनमें भी इन ओलों के साथ आंधी का प्रभाव पड़ा है। सैफई के गांव सहित आसपास के गांवों में किसानं की फसलें कटने के लिए रह गयी थीं। अब वे पूरी तरह से बर्बाद हो गयी हैं। पिछली बार आई आंधी और बरसात के बाद किसानों के पहले से ही खेत कटने के लिए रह गए थे। लेकिन अब वे भी खराब हो गए हैं। किसानों की हालत ऐसी हो गयी है मानो उनकी कमर टूट गयी हो।
क्या कहा सपा के युवा नेता ने
सपा के युवा नेता नारद यादव और सुन्दर यादव ने कहा कि इलाके में ओलों से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। आपको बता दें कि आंधियों के प्रकोप को कारण किसानों को कम से कम 40 फीसदी नुकसान हुआ है। जिले के कई जगहों पर बारिश हुई। इसी के साथ बलरई क्षेत्र में आंधी की वजह से पेड़ भी गिरे।
गौरतलब है कि मौसम के बदलते तेवर से अलर्ट जारी कर दिया गया था। भयंकर तूफान आने की वजह से खेतों में खड़ी गेहूं की फसलों को काटने में जुट गए थे। लेकिन इस बार तोज आंधी और बारिश से किसानों को नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने गेहूं काट लिया था, उनका भूसा भींग गया जाने से परेशानी हो रही है।