
Senior clerk suicide case इटावा में नगर पालिका की वरिष्ठ लिपिक ने सुसाइड नोट लिखने के बाद यमुना में छलांग लगा दी। जिसका शव एसडीआरएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार को बरामद कर लिया। सुसाइड नोट में वरिष्ठ लिपिक ने नगर पालिका अध्यक्ष, उनके पति, अधिशासी अधिकारी, रिटायर्ड पेशकार, रिटायर्ड लिपिक पर गंभीर आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि यह पत्र 2027 के चुनाव में सपा के पतन का कारण बनेगा। मामला इटावा नगर पालिका का है।
उत्तर प्रदेश के इटावा के नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ लिपिक राजीव कुमार यादव ने यमुना नदी में शुक्रवार की सुबह छलांग लगा दी थी। इसकी जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। एसडीआरएफ टीम को शव बरामद करने के लिए लगाया गया। शनिवार को शव बरामद कर लिया गया। चलांग लगाने के पहले राजीव कुमार यादव ने दो पन्ने का सुसाइड नोट लिखा। जिसमें नगर पालिका की अध्यक्ष ज्योति गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, उनके पति कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी संतोष मिश्रा, रिटायर्ड पेशकार अतर सिंह, रिटायर्ड लिपिक सुनील वर्मा पर गंभीर आरोप लगाया है।
अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि कुलदीप गुप्ता ने सर्विस बुक की झूठी शिकायत करवा कर जांच कमेटी का गठन किया। अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार के माध्यम से चार नोटिस दिलवा दिया। अगस्त महीने का वेतन भी मुझे नहीं दिया गया। जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई हो रही है। वह शुगर और प्रोस्टेट की बीमारी का इलाज नहीं कर पा रहे हैं।
अपने पत्र में राजीव कुमार यादव ने लिखा है कि मेरी मेरी मौत का जिम्मेदार यही पांच है। जिनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। अपने पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मांग की है कि कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू के पुराने हत्या जैसे केसों की पत्रावली पर पुनः जांच कराई जाए। जिससे उनकी आत्मा को शांति मिले। इसके साथ उन्होंने पत्र को उच्चतम न्यायालय इलाहाबाद में प्रचलित कार्रवाई में भी शामिल करने की मांग की है।
मृतक पुत्र सिद्धार्थ ने नगर पालिका अध्यक्ष, उनके पति अधिशासी अधिकारी, सहित पांचों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। क्षेत्राधिकारी नगर अभय नारायण राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है।