इटावा

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बता दिया कौन जीतेगा 2027 का चुनाव! जानिए क्या बोले महाराज

Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बता दिया कि 2027 का चुनाव कौन जीतेगा। जानिए महाराज ने क्या-क्या कहा?
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Jun 07, 2026
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News: इटावापहुंचे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वही दल सत्ता में आएगा, जो गोमाता की रक्षा करेगा। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की कि वे केवल उसी राजनीतिक दल का समर्थन करें, जो गोसंरक्षण को अपनी प्राथमिकता बनाए।

वर्तमान सरकार को बताया 'नकली हिंदुओं की सरकार'

शंकराचार्य ने बिना किसी दल का नाम लिए वर्तमान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को हिंदू हितैषी बताते हैं, वे वास्तव में हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मौजूदा शासन को "नकली हिंदुओं की सरकार" बताते हुए आरोप लगाया कि गोरक्षा के नाम पर जनता से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए।

गोरखपुर से शुरू हुई गोरक्षा यात्रा

शंकराचार्य ने बताया कि उन्होंने 3 मई से गोरखपुर से गोरक्षा यात्रा की शुरुआत की है। यह यात्रा पूरे उत्तर प्रदेशमें निकाली जा रही है, जिसका उद्देश्य गोसंरक्षण के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जनता से संवाद किया जा रहा है और उनसे यह आग्रह किया जा रहा है कि वे मतदान करते समय गोमाता की रक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बनाएं।

भाजपा पर वादा तोड़ने का लगाया आरोप

शंकराचार्य ने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले गोरक्षा को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उन वादों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने गोमांस निर्यात के मुद्दे पर भी चिंता जताई और कहा कि यह स्थिति उन लोगों के लिए पीड़ादायक है, जिन्होंने गोसंरक्षण के नाम पर समर्थन दिया था।

सैफई में यादव परिवार से की मुलाकात

इटावा दौरे के दौरान शंकराचार्य सैफई भी पहुंचे, जहां समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार के कई सदस्य उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान सांसद डिंपल यादव, वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव, सांसद आदित्य यादव और तेज प्रताप यादव ने उनसे मुलाकात कर आशीर्वाद लिया।

'परिवार को आशीर्वाद दिया, पार्टी को नहीं'

मुलाकात के बाद शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अखिलेश यादव के परिवार के सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद दिया है, लेकिन किसी राजनीतिक दल को समर्थन या आशीर्वाद नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि उनका अभियान पूरी तरह गोसंरक्षण और धर्म से जुड़ा हुआ है, किसी राजनीतिक दल विशेष से नहीं।

डिंपल और शिवपाल ने जताया समर्थन

मुलाकात के दौरान डिंपल यादव और शिवपाल सिंह यादव ने शंकराचार्य के गोरक्षा अभियान का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने गोसंरक्षण को महत्वपूर्ण विषय बताते हुए इसके प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।

शिवपाल का भाजपा पर हमला

इस अवसर पर शिवपाल सिंह यादव ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संतों और धार्मिक नेताओं का सम्मान करने में विफल रही है। शिवपाल ने कहा कि संत समाज की बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनके सुझावों को लागू किया जाना चाहिए।

गोरक्षा को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की गोरक्षा यात्रा को राजनीतिक हलकों में भी काफी अहम माना जा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गोसंरक्षण के मुद्दे को केंद्र में लाकर वे जनता के बीच एक बड़ा संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। आने वाले दिनों में उनकी यह यात्रा प्रदेश की राजनीति में कितना प्रभाव डालती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।