शिवपाल यादव ने कहा कि यह बड़े दुःख की बात है.
इटावा. समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जसवंतनगर इलाके के विधायक शिवपाल सिंह यादव ने अपने गृहनगर सैफई की बिगड़ी स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उन्होंने आज कहा कि यह दुःख की बात है कि जब स्वच्छ भारत मिशन व स्वच्छता अभियान केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के प्रमुख एजेंडे हैं, ऐसे समय में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान, सैफई के साथ ही पूरे सैफई में गंदगी का अंबार पसरा पड़ा है। उपरोक्त स्थिति को देखते हुए शिवपाल यादव ने आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन राजीव कुमार को पत्र लिखकर संपूर्ण समस्या को उनके संज्ञान में लाने का कार्य किया है।
प्रशासन का रवैया है लापरवाह-
इस संदर्भ में उन्होंने इसके पूर्व 8 जनवरी 2018 एवं 31 जनवरी, 2018 को जिलाधिकारी इटावा को पत्र भी लिखा था, लेकिन समस्या यथावत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सिंचाई, लोक निर्माण विभाग व जल निगम का रवैया भी लापरवाह व संवेदनहीन हैं। बड़े-बड़े पाइपों का ढेर, खुले मेनहोल, ज्यों के त्यों पड़ी सीवर लाईनें, सैफई ग्राम के चारों तरफ देखी जा सकती हैं। सिंचाई विभाग का माइनर जो संस्थान व शिक्षा संस्थाओं के सामने से निकला है, वहां गंदगी की भरमार है। पानी जमा हुआ है जिसके सड़ने से मच्छरों का भी प्रकोप जारी है।
छात्रों पर पड़ रहा बुरा असर-
इसका सबसे अधिक प्रभाव आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के मरीजों एवं शैक्षिक संस्थाओं में पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य खराब होने के साथ ही छात्रों के पठन-पाठन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। बताते चले कि सैफई मेडिकल यूनिवसिर्टी को स्वच्छता मानकों में देश के बेहतर प्रबंध संस्थानों में से एक माना गया है, लेकिन योगी सरकार के आने के बाद सैफई की यह बदहाली किसी से भी छुपी नहीं है। कोई भी विभाग इसकी अनदेखी करने से पीछे नहीं हट रहा है।