
Shivpal Singh Yadav in Etawah इटावा में शिवपाल सिंह यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार मुसलमान के पीछे हाथ धोकर पड़ी है। मस्जिद गिराने का काम किया जा रहा है। ओपी राजभर पर भी उन्होंने बयान दिया। बोले उन्हें इलाज की आवश्यकता है। उनके पास कोई अच्छा डॉक्टर ना हो तो हम सलाह दे सकते हैं। शिवपाल सिंह यादव इटावा दौरे पर आए थे, इस मौके पर पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के इटावा में समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से हिंदू मुस्लिम कर रही है। खासकर मुसलमान के पीछे पड़ गई है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी ने आजादी लड़ाई लड़ी है। इसके बाद बाबा साहब का संविधान दिया। जिसमें सभी लोगों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन बीजेपी वाले मुसलमान के पीछे पड़ी हैं। मुसलमान भी इस देश के रहने वाले हैं। उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। समाजवादी पार्टी मुसलमान और सभी वर्गों के साथ है।
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र में संविधान की कसम सभी खाते हैं। कहते हैं कि किसी भी धर्म या अन्य के साथ अन्याय नहीं करेंगे। लेकिन बीजेपी संविधान की अवहेलना कर रही है। राष्ट्रपति को ऐसी सरकारों से तत्काल इस्तीफा ले लेना चाहिए। लेकिन अब चुनावी वर्ष और इसमें जनता फैसला लेगी।
उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर जो उल्टा-सीधा बोल रहे हैं। इनका दिमाग खिसक गया है, इनका इलाज होना चाहिए और इलाज भी अच्छे डॉक्टर से होना चाहिए। यदि उनके पास कोई अच्छा डॉक्टर ना हो तो हम सलाह दे सकते हैं।
मस्जिद गिराए जाने पर पूछे गए सवाल पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि इसका लाभ केवल बीजेपी को होगा। केवल एक वर्ग के लोगों का मनोबल तोड़ना चाहते हैं। उनकी अपील है कि मनोबल को न टूटने दे इस सरकार को बदलना है। सरकार बदलते यह लोग बिल में घुस जाएंगे। सरकार बनने के बाद संविधान और कानून के अनुसार मस्जिद का निर्णय लिया जाएगा। जिनके साथ गलत हुआ है, जिनको ठेस लगी है, हम हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। बीजेपी ध्रुवीकरण कर रही है के सवाल पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अब जनता इसका निर्णय लेगी। जनता से अपील है कि ऐसी सरकार को सत्ता से बाहर करें।
आरबीआई से सबसे अधिक लोन लेने के सवाल पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि फिजूल खर्ची और भ्रष्टाचार रोक दिया जाए तो लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 28 प्रतिशत जीएसटी ली जा रही है। फिजूल खर्ची और भ्रष्टाचार के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।