भले ही शिवपाल यादव के संबध भतीजे अखिलेश से सामान्य हो चले हों, लेकिन उन्हें जब भी मौका मिलता है, जुबानी तीर छोड़ने से नहीं चूकते
इटावा. भले ही शिवपाल सिंह यादव के संबध भतीजे अखिलेश यादव से सामान्य हो चले हों, लेकिन उन्हें जब भी मौका मिलता है, जुबानी तीर छोड़ने से नहीं चूकते। जिले के जमुनाबाग में चल रही रामकथा के दौरान पहुंचे शिवपाल सिंह यादव ने इशारों ही इशारों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश और प्रोफेसर रामगोपाल यादव पर तीखे शब्दबाण छोड़े।
जसवंतनगर से सपा विधायक ने कहा कि जो लोग अपने से बड़ों का सम्मान करते हैं। धर्म के मार्ग पर चलकर राजनीति करते हैं। ऐसे लोग अपनी मंजिल को आसानी से हासिल कर लेते हैं। लेकिन जो लोग बुजुर्गों का संम्मान नहीं करते, उनके सपने कभी कभी पूरे नहीं होते हैं।
अंत समय में दशरथ की जुबान पर था राम का नाम
शिवपाल यादव ने कहा कि भगवान राम आदर्श पुत्र थे। वह सभी का सम्मान करते थे, इसलिये उनके पिता दशरथ ने पुत्र वियोग में जब अंतिम सांस ली, तब पुत्र राम का नाम ही उनकी जुबान पर था। आज की युवा पीढ़ी भटक रही है। परिवारों में छोटी सी बातों पर विवाद हो रहे हैं।
अपील, करें गौसेवा
कौशिक जी महाराज ने कहा कि आज के युग में संस्कारों की कमी आ रही है, जो समाज तथा देश के लिये घातक है। उन्होंने गौरक्षा तथा गौसेवा के लिये समाज को आगे आने की अपील की। कहा कि कि गौमाता के शरीर में समस्त देवी-देवता वास करते हैं, इसलिये गौमाता को बचाना और उसकी सेवा करना बहुत ही आवश्यक है। हर युग में गौमाता पूज्यनीय रही है।
भटकाव की ओर है आज की युवा पीढ़ी
श्रीराम कथा सुनाते हुये कौशिक महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम ने मर्यादा का पालन करते हुये हमेशा धर्म की रक्षा की। त्रेता, सतयुग , द्वापर युग में लोग धर्म के मार्ग पर चलकर दीर्घायु को प्राप्त होते थे। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी भटकाव की ओर है। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि समाज को धर्म तथा ग्रन्थों की ओर ले चलें।