इटावा में बीएलओ से मारपीट और वोट कटवाने के आरोपों पर सियासत गरमा गई है। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने डीएम-एसएसपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है। लापरवाही पर धरने की चेतावनी दी।
इटावा में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के साथ मारपीट और वोटर लिस्ट से नाम काटने के आरोपों का मामला सियासी रूप से गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि लापरवाही हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
इटावा जिले में बीएलओ के साथ मारपीट और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर राजनीति तेज हो गई है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव पार्टी नेताओं के साथ जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि बीएलओ को धमकाया जा रहा है। दबाव बनाकर वोट कटवाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही और सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, तो हालात बिगड़ सकते हैं। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। हालांकि, डीएम और एसएसपी ने उन्हें जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया। शिवपाल ने प्रशासन के सामने दो प्रमुख मामलों का उल्लेख किया। पहला मामला जसवंतनगर का बताया गया। जहां शमशाद नामक एक अशिक्षित व्यक्ति के नाम से लगभग 90 फॉर्म भरकर पीडीए वर्ग के मतदाताओं के वोट कटवाने का आरोप है। शिवपाल के अनुसार, शमशाद ने खुद कहा है कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है। उसने किसी के वोट नहीं कटवाए। सपा का आरोप है कि यह सब भाजपा नेताओं की साजिश है।
उन्होंने कहा कि दूसरा मामला चौबिया थाना क्षेत्र का है। जहां आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष ने बीएलओ पर मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटने का दबाव बनाया। मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। और जान से मारने की धमकी दी गई।
शिवपाल यादव ने फॉर्म-7 के कथित गलत इस्तेमाल का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सही और पात्र मतदाताओं के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। खासकर अल्पसंख्यक और पीडीए समाज को निशाना बनाया जा रहा है। जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। मीडिया से बातचीत में शिवपाल ने कहा कि फिलहाल प्रशासन के आश्वासन पर वह धरने से रुके हैं। लेकिन आगे भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। जिला प्रशासन का कहना है कि सपा नेता की शिकायत सुन ली गई है। पूरे प्रकरण की जांच कर कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।