
Superintending Engineer of Electricity suspended इटावा के अधीक्षण अभियंता पर टेंडर प्रक्रिया में लापरवाही, शिथिलता और अनियमिताएं बरते जाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिनके खिलाफ विजय राज निवासी यादव नगर भरथना ने शिकायत की थी। अपने शिकायती पत्र में उन्होंने बताया था कि निविदा प्रक्रिया में कई स्तर पर लापरवाही और अनियमिताएं बरती गई है। शिकायत के आधार पर दक्षिण विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आगरा के प्रबंध निदेशक ने जांच के लिए समिति गठित की। समिति की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
उत्तर प्रदेश के इटावा के मनोज कुमार गौड़ के खिलाफ विजय राज ने दक्षिण विद्युत वितरण निगम लिमिटेड प्रबंध निदेशक कार्यालय में शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि 17 निविदाओं में अनियमिताएं बरती गई है। शिकायती पत्र के आधार पर जांच के लिए समिति गठित की गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार अल्पकालीन निविदा को समाचार पत्रों में प्रकाशित करने हेतु दिनांक 13 जून 2025 को भेजा गया था। निविदा अपलोड किए जाने की तिथि 27 जून 2025 और प्रथम भाग खोले जाने की तिथि 28 जून निर्धारित थी।
इसी प्रकार अल्पकालीन निविदा समाचार पत्रों में प्रकाशित करने के लिए 13 जून 2025 को भेजा गया था। जबकि निपदा अपलोड किए जाने की तिथि 29 जून 2025 और प्रथम भाग खोले जाने की तिथि 30 जून 2025 निर्धारित की गई थ लेकिन ई-पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया।
अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड ने बताया कि निविदा की तिथि विस्तारित की गई। जिसे निविदा अपलोड किए जाने की जानकारी दी। ई पोर्टल पर अपलोड किया गया। जबकि प्रथम भाग खोले जाने की तिथि 30 जुलाई 2025 निर्धारित की गई। उपरोक्त निविदा को 6 जुलाई से 7 जुलाई तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। जबकि नियमानुसार हो जाना चाहिए। निविदाओं को ई पोर्टल पर 24 जुलाई को अपलोड किया गया।
जांच में पाया गया कि निविदा को ई-पोर्टल पर समय से अपलोड ना किए जाने के कारण निविदा दाताओं को निविदा में भाग लेने का पर्याप्त समय नहीं मिला। जिससे प्रतिस्पर्धा में कमी रही। निविटा को पोर्टल में 24 घंटे से भी कम समय लाइव रखा गया। जिससे ठेकेदारों को धरोहर जमा राशि जमा करने में पर्याप्त समय नहीं मिला और टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा की कमी रही। इसके अतिरिक्त कई अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जो जांच में सत्य पाए गए। दक्षिण विद्युत वितरण निगम लिमिटेड प्रबंध निदेशक ने अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार गौड़ को तत्काल निलंबित कर दिया है। यह स्थिति गंभीर कदाचार की श्रेणी में है। कठोर कार्रवाई अनुशासनिक कार्रवाई की बात कहते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।