दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर जसवंतनगर रेलवे प्लेटफार्म नम्बर 4 लूपलाइन पर शीशम का एक भारी पेड़ टूटकर गिर पड़ा
इटावा. आंधी के असर ने दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर जसवंतनगर रेलवे प्लेटफार्म नम्बर 4 लूपलाइन पर शीशम का एक भारी पेड़ टूटकर गिर पड़ा। जिससे प्लेटफार्म की पूर्वी हिस्से साहित लूप ट्रेक वाधित हो गया। ओएचई टूटने से विद्युत व्यवस्था ठप्प हो गई और कानपुर दिल्ली ट्रेक पर जो ट्रेने रन कर रही थी वे जहां की तहां खड़ी रह गई। जिससे लगभग ढाई घंटे तक रेल यातायात पूरी तरह ठप्प रहा।
झुलस गए दो बच्चे
बता दें कि इस घटना की खवर लगते ही रेल अधिकारी सक्रिय हो गये और वधान रेलवे स्टेशन पर काम कर रहा इटावा स्टाफ वहां से जसवंतनगर के लिए रवाना हो गया। टीआई, टीएक्सआई, पीडब्लूआई आदि का स्टाफ मौके पर पहुंचा तथा पेड़ को काटना शुरू कर दिया। लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ को काटा गया और मौके पर टूटी ओएची लाइन को दुरूस्त किया गया। उधर इटावा की ओर से दिल्ली जा रही नंदनकानंन एक्सप्रेस के इटावा से आगे बढते ही ओएसई लाइन के तार जो इस दुघर्टना के कारण लटक रहे थे। उनसे ट्रेन के आगे डिब्बे में बैठे खिड़की से सटे दो बच्चे झुलस गये।
9 घंटे तक बाधित रहा यातायात
इस दुर्घटना के बारे में पता चला है कि लगभग 3 बजे शीसम का यह पेड टूटकर ओएचई को तोड़ते हुये लूप रेलवे ट्रेक व प्लेटफार्म पर जा गिरा। इसके बाद ओएचई टूट गई और बिजली व्यवस्था बंद हो जाने से ट्रेक जहां का तहां रूक गया। इसी बीच इटावा से आगरा की ओर जा रहा तूफान एक्सप्रेस भी यहां प्लेटफार्म नम्वर 3 पर खड़ा हो गया। बिजली व्यवस्था दोबारा शुरू होने पर शाम साढे 5 बजे वह बिजली व्यवस्था दुरूस्त होने के बाद उसे यहां से रवाना किया गया। दो दिन पूर्व ही बलरई रेलवे स्टेशन के समीप ओएचई टूटने से साढे 9 घंटे रेल यातायात बाधित रहा था। इन मामलो में रेलवे के जिम्मेदार लोगों की लापरवाही मानी जा रह है।