7 जून को प्रधानमंत्री का पद को छोड़ देंगी ब्रेग्जिट समझौते पर सहमति न बन पाने के कारण लिया फैसला जॉनसन को ब्रेग्जिट का कट्टर समर्थक माना जाता है
लंदन। ब्रेग्जिट के मुद्दे पर यूरोपीय यूनियन (ईयू) से अलग होने पर विफल रहने के बाद प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने इस्तीफे की घोषणा की है। इस ऐलान के बाद अब पीएम पद के लिए कई नाम सामने आ रहे हैं। इस दौड़ में ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के आठ नेता हैं। इसमें बोरिस जॉनसन सबसे आगे हैं। थेरेसा मे ने इस्तीफे की घोषणा कर दी है और वह 7 जून को प्रधानमंत्री का पद को छोड़ देंगी।
अपनी पार्टी के भीतर ही सहमति बनाने में असफल रहीं
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले माह ब्रिटेन के दौरे पर हैं। थेरेसा मे ने कई बार ब्रेग्जिट समझौते को लेकर संसद पटल पर कई प्रस्ताव पेश किए, मगर इस पर सहमति नहीं बन सकी। यहां तक की पीएम अपनी कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर ही सहमति बनाने में असफल रहीं। इसके बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। थेरेसा के पद छोड़ने से पहले ही कंजर्वेटिव पार्टी में प्रधानमंत्री की दौड़ शुरू हो गई है। पूर्व विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन देश के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं। जॉनसन को ब्रेग्जिट का कट्टर समर्थक माना जाता है। पीएम बनने की दौड़ में जॉनसन के अलावा ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक, वर्तमान विदेश मंत्री जेरेमी हंट, इंटरनेशनल डेवलपमेंट सेक्रेटरी रॉरी स्टीवर्ट और पूर्व मंत्री एस्थेर मैक्के का नाम सबसे आगे है। सर्वे के मुताबिक, कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य ब्रेग्जिट के पक्ष में हैं। वे बिना किसी समझौते के यूरोपियन यूनियन से अलग होने पर सहमत हैं।
यूरोपियन यूनियन से बिना किसी डील के अलग हो जाएंगे
ऐसे में बोरिस जॉनसन पीएम पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माने जाते हैं। जॉनसन खुद भी कह चुके हैं कि अगर ब्रेग्जिट को लेकर किसी समझौते पर नहीं निष्कर्ष निकलता है तो ब्रिटेन को यूरोपियन यूनियन से बिना किसी डील के अलग होने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यहां तक कह दिया है कि वह 31 अक्तूबर को यूरोपियन यूनियन से अलग हो जाएंगे,चाहे समझौता हो या नहीं।