यूरोप

फ्रांस: टीचरों ने कहा पढ़ाई से ध्यान भटकाते हैं मोबाइल, स्कूल में इस्तेमाल करने पर लगेगा बैन

फ्रांस के स्कूलों में सितंबर की शुरुआत से फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी जाएगी।
2 min read
Jul 20, 2018
france to pass a bill to ban use of cellphones in school
फ्रांस: टीचरों ने कहा पढ़ाई से ध्यान भटकाते हैं मोबाइल, स्कूल में इस्तेमाल करने पर लगेगा बैन

पेरिस। स्कूलों में बच्चों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने से पढ़ाई के गिरते स्तर से परेशान फ्रांस के शिक्षकों ने इसके खिलाफ कदम उठाने की मांग की थी। अब जल्द ही एक ऐसे बिल का प्रस्ताव आया है जिसके पास होने के बाद इसपर रोक लगा दी जाएगी। ये मामला फ्रांस का है, जहां टीचरों ने मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ते देख ये समाधान निकाला है।

बुधवार को संसद में विधेयक पर समझौता

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस के स्कूलों में सितंबर की शुरुआत से फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी जाएगी। बुधवार को वहां के संसद में इससे जुड़े एक विधेयक पर समझौता हुआ है। आपको बता दें कि पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एमैनुएल मैक्रों ने अपने वादों में एक वादा फोन बैन करने का भी किया था।

बैन फ्रांस के तीन स्तरीय शिक्षा प्रणाली पर लागू किया जाएगा

पढ़ाई से संबंधित अन्य उद्देश्यों के लिए मोबाइल इस्तेमाल का बैन फ्रांस के तीन स्तरीय शिक्षा प्रणाली यानी प्राइमरी, मिडल और हाई स्कूल में लागू किया जाएगा। इस फैसले पर सीनेटर और नैशनल असेंबली के सदस्यों की सहमति मिल गई है। बता दें कि फ्रांस में इस प्रतिबंध की मांग कर रहे लोगों ने तर्क दिया कि फोन के इस्तेमाल से क्लासरूम में ध्यान भटकाने समस्या बढ़ती जा रही है, जिसपर लगाम लगाने के ये फैसला जरूरी है।

स्कूलों को दिए गए ये निर्देश

जानकारी के मुताबिक फ्रांस में 12 से 17 साल के 90 प्रतिशत युवा स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं। अब इस विधेयक के पास होने से बच्चों के खतरनाक ऑनलाइन सामग्री जैसे कि हिंसा या पॉर्नोग्राफी और साइबर बुलिंग से भी बचाव करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्कूलों को भी निर्देश दिया गया कि उन्हें ये फैसला लेना होगा यह प्रतिबंध वहां कैसे लागू करना है। जैसे स्कूल चाहे तो स्कूल परिसर में घुसते ही छात्रों से मोबाइल फोन जमा करा सकता है, या उन्हें बैग में स्विच ऑफ करके रखने के लिए कह सकते हैं।

कानून और तकनीकी क्रांति

जून में इस प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए वहां के शिक्षा मंत्री ज्यां माइकल ब्लैंकर ने सरकार की इस योजना को 21 वीं सदी के लिए कानून और तकनीकी क्रांति करार दिया था। बता दें कि फिलहाल इस विधेयक पर 26 जुलाई को सीनेट में और 30 जुलाई को नैशनल असेंबली में अंतिम मतदान के लिए पेश किया जाएगा।

Published on:
20 Jul 2018 09:51 am