
रूसी ध्वज (File Photo)
जर्मनी (Germany) के लीपज़िग में हुए ड्रोन हमले (Leipzig Drone Attack) के लिए रूस (Russia) की ज़िम्मेदार ठहराया गया है। इस मामले में यूरोपीय संघ (EU) और उसके कई सदस्य देशों ने रूसी दूतावास के प्रतिनिधि को तलब किया है। यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि और यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कलास (Kaja Kallas) ने इस बारे में जानकारी दी।
कलास ने लीपज़िग में हुए ड्रोन हमले को राज्य प्रायोजित आतंकी हमला करार देते हुए कहा कि इसमें आतंकवाद के सभी लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा, "हम इसका दृढ़ता से जवाब देंगे। रूस के सैन्य परिसर से जुड़ी 1,600 लिस्टिंग पहले से ही प्रक्रिया में हैं, और हम और भी लिस्टिंग जोड़ने के लिए तैयार हैं। हमने यूरोपीय यूनियन में रूसी दूतावास के प्रतिनिधि को भी तलब किया है, जैसा कि कई सदस्य देशों ने किया है।"
जर्मन गृह मंत्री एलेक्जेंडर डोब्रिंट (Alexander Dobrindt) और विदेश मंत्री जोहान वादेफुल (Johann Wadephul) ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है और पुलिस की जांच, घटना के पैटर्न और खुफिया जानकारी से साबित होता है कि यह रूस द्वारा प्रायोजित हाइब्रिड ऑपरेशन था। ड्रोन के घटक, विस्फोटक और तकनीक रूस के अन्य यूरोपीय हमलों से मिलते-जुलते हैं। जर्मनी ने जवाबी कार्रवाई में रूस के बॉन स्थित महावाणिज्य दूतावास को 18 सितंबर से बंद करने, बर्लिन के रूसी हाउस सांस्कृतिक केंद्र का समझौता समाप्त करने और रूसी नागरिकों पर प्रवेश नियंत्रण सख्त करने का फैसला लिया है।
रूस ने इस ड्रोन हमले के आरोप को खारिज कर दिया है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने इस आरोप को रूस-विरोधी कार्रवाई बताते हुए इसका जवाब देने की बात कही है। साथ ही इसे बेबुनियाद भी बताया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 4 अगस्त को पूर्वी जर्मनी के लीपज़िग/हैल एयरपोर्ट पर यूक्रेनी कार्गो विमानों के पास एक ड्रोन मिला था, जिसमें विस्फोटक लगा हुआ था। यह ड्रोन फट नहीं पाया क्योंकि इसका डेटोनेटर खराब था और जांचकर्ताओं को शक है कि पास ही मौजूद एक कार्गो विमान से दूसरा ड्रोन टकरा गया था।
Updated on:
02 Sept 2026 04:08 pm
Published on:
02 Sept 2026 04:08 pm
