
लंदन। ब्रिटेन में ब्रेक्जिट ( Brexit ) को लेकर चल रही रार के बीच पीएम थेरेसा मे के इस्तीफे की पेशकश ने समूचे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है। थेरेसा में के इस्तीफे की घोषणा के बाद यूके में ब्रेक्जिट को लेकर चल रही बहस एकदम शांत हो गई लगती है और नए पीएम के नाम को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। कई नेता इस समय ब्रिटेन के पीएम पद की रेस में शामिल हो गए हैं। पीएम पद के दावेदारों के एक से एक दिग्गज नामों के बीच एक ऐसा नाम सामने आया है जिसका कनेक्शन भारत और पाकिस्तान से जुड़ रहा है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश गृह मंत्री साजिद जाविद की। साजिद इस समय ब्रिटिश पीएम की रेस में शामिल हो चुके हैं और वह दौड़ में शामिल कई बड़े नेताओं को टक्कर देते हुए नजर आ रहे हैं।
पीएम रेस में साजिद जाविद
ब्रिटेन के गृह मंत्री और कंजर्वेटिव पार्टी के नेता साजिद जाविद ने कंजर्वेटिव पार्टी के चुनाव में शामिल होने की इच्छा जताई है। बता दें कि पीएम थेरेसा में के इस्तीफे के बाद साजिद नए विकल्प के तौर पर उभरकर आए हैं। इस समय सबसे सीनियर और दमदार मंत्री का पद संभाल रहे साजिद जाविद ने ट्विटर पर एक वीडियो के जरिए अपनी पीएम बनने की मंशा जाहिर की। साजिद जाविद ने कहा, ‘‘मैं अगले कंजर्वेटिव नेता के चुनाव और अपने महान देश के प्रधानमंत्री पद के लिये खड़ा होने जा रहा हूं। हमें विश्वास को बहाल करने, एकजुटता लाने और समूचे ब्रिटेन में नये अवसरों को पैदा करने की आवश्यकता है। हमें ब्रेक्जिट की आवश्यकता है। कृपया मेरी मदद करें और मेरी ‘टीम साज’ का हिस्सा बनें।" हालांकि साजिद जाविद की राह आसान नहीं है। कंजर्वेटिव पार्टी में पीएम रेस के लिए पहले से किस्मत आजमा रहे 8 उम्मीदवारों के बीच उनके लिए अपने लिए स्थान बनाना बड़ी चुनौती होगी। बता दें कि ब्रिटेन में पीएम पद के लिए बोरिस जॉनसान, माइकल गोव, रोरी स्टीवर्ट, जर्मी हंट, मैट हैनक और पूर्व मंत्री डॉमिनिक राब, एस्थर मैकवे और एंड्रिया लीडसम के नाम सामने आए हैं।
भारतीय पिता और पाकिस्तानी मां की संतान हैं जाविद
जाविद के पिता भारतीय थे जबकि उनकी मां पाकिस्तानी थीं। भारत की आजादी के बाद परिवार पाकिस्तान चला गया। उसके बाद 1960 के दशक में साजिद जाविद के पिता ब्रिटेन चले गए और उन्होंने वहां बस चलाने का काम शुरू कर दिया। अगर वह पीएम बने तो देश में एक नया इतिहास बन जाएगा। थेरेसा मे मंत्रिमंडल में वह मई 2018 में गृह मंत्री बने। 2010 में ब्रॉम्सग्रोव इलाके से सांसद बने जाविद कम्युनिटीज, लोकल गवर्नमेंट और हाउसिंग मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं। साजिद जाविद अपने तेज और मजबूत निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। वह पहली बार चर्चा में तब आए जब उन्होंने 19 साल की मुस्लिम लड़की शमिमा बेगम की नागरिकता छीन लेने का फैसला लिया था। शमिमा बेगम ब्रिटेन से सीरिया भाग गई थी और आतंकी संगठन आईएसआईएस के साथ शामिल हो गई थी। उसके बाद वह ब्रिटेन लौट आई थी। बता दें कि जाविद ने ही विजय माल्या को भारत को सौंपने के वेस्टमिंस्टर कोर्ट के आदेश पर मुहर लगाई थी।
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