इंग्लैंड और वेल्स में पुलिस ने लागू की व्यवस्था फोन सौंपने को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन महिला संगठनों का आरोप, पुलिस के पास जाने से बचेंगे लोग
लंदन।ब्रिटेन में एक आने रेप कानून के चलते इन दिनों बवाल मचा हुआ है। बलात्कार का आरोप लगाने वालों सहित अपराधों के पीड़ितों को अपने फोन पुलिस को सौंपने के लिए कहा जा रहा है। ईमेल, संदेश और तस्वीरों तक की जानकारी की अनुमति मांगने की सहमति को इंग्लैंड और वेल्स में रोल आउट कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था कई बलात्कार और गंभीर यौन हमले के मामलों के बाद सामने आई है जिसमें फोन के जरिए कई महत्वपूर्ण सबूत सामने आए हैं । पुलिस का कहना है कि जो लोग अपने फोन या ईमेल अकाउंट्स आदि का एक्सेस नहीं देंगे, उनके मामले को अभियोजन अदालत के सामने रखना संभव नहीं होगा।
पुलिस को सौंपने होंगे फोन
ब्रिटेन में बलात्कार पीड़ितों को अपने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों को पुलिस को सौंपने या देखने देने की आदेश के बाद बवाल मचा हुआ है। इंग्लैंड और वेल्स में पुलिस द्वारा लागू किये जा रहे नए नियम से लोगों में रोष है। पुलिस के कहना है की जो लोग बलात्कार और यौन उत्पीड़न सहित अपराधों का आरोप लगाते हैं, उनके संदेशों, ईमेलों, तस्वीरों और सोशल मीडिया खातों तक पहुंचने की अनुमति मालनी चाहिए ताकि ऐसे मामलों की जांच में आसानी हो। लेकिन इस कदम की खूब निंदा की जा रही है। महिला अधिकारों के समूहों को डर है कि यह कदम पीड़ितों को अपराध की रिपोर्ट करने के लिए आगे आने से रोक देगा। यौन उत्पीड़न के पीड़ितों के लिए कानूनी सहायता प्रदान करने वाले एक समूह ने भी पुलिस को चेतावनी दी है कि वे इस रणनीति को रोकने के लिए अदालत में चुनौती पेश करेंगे।
देश में हो रहा विरोध
पुलिस और अभियोजकों का कहना है कि उनका नया आदेश रेप कानून में एक अंतर को भरने का प्रयास भर है। पुलिस ने कहा है कि अक्सर ऐसा देखा गया है की रेप शिकायतकर्ताओं और आरोपियों के फोन में कई तरह के ऐसे डेटा मिलते हैं जो ऐसे मामलों के जल्दी निपटान के लिए जरूरी होते हैं। बता दें कि पुलिस के मुताबिक पहले चले आ रही कानून में गवाहों को फोन, लैपटॉप, टैबलेट या स्मार्ट घड़ियों का खुलासा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के निदेशक मैक्स हिल ने कहा कि "जांच की उचित रेखा" बनाई जाएगी और केवल उसी सामग्री की जांच की जाएगी जो अदालत के लिए प्रासंगिक है। डिजिटल सहमति रूपों का उपयोग किसी भी आपराधिक जांच में शिकायतकर्ताओं के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसकी बलात्कार और यौन उत्पीड़न मामलों में उपयोग किए जाने की संभावना अधिक है, जहां शिकायतकर्ता अक्सर संदिग्ध को जानते हैं। बहुत से लोग अपने स्मार्टफ़ोन की सामग्री को गोपनीय रखते हैं और मानते हैं कि उनके फोन की एक पुलिस परीक्षा गोपनीयता के ऊपर बड़ा खतरा है। हालांकि पुलिस के पास पीड़ितों और गवाहों के फोन को जब्त करने की शक्ति नहीं है, इसलिए सहमति एकमात्र विकल्प है। लेकिन अब ब्रिटेन में इस बात को लकेर बहस तेज हो गई है कि क्या लोग स्वेच्छा से अपने उपकरणों को सौंपेंगे?
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