साल 2019 से होने वाले JEE और NEE एग्जाम में प्रत्येक स्टूडेंट भिन्न प्रश्न पत्र दिया जाएगा
साल 2019 से होने वाले JEE और NEE एग्जाम में प्रत्येक स्टूडेंट भिन्न प्रश्न पत्र दिया जाएगा। इसको लेकर स्टूडेंट्स और शिक्षा जगत के अनुभवियों के अलग—अलग रिएक्शन सामने आ रहे हैं। भिन्न प्रश्नपत्र होने से स्टूडेंट्स की कोचिंग सेंटर्स पर निरर्भत कम होने, एग्जाम में पारदर्शिता आने तथा सेल्फ स्टीडी पर ज्यादा फोकस करने समेत कई बदलाव होंगे। यहां हम आपको बता रहे हैं भिन्न प्रश्नपत्र आने पर होने वाले 4 मुख्य बदलावों के बारे में जो देखने को मिलेंगे।
पूरे सिलेबस की अच्छी तैयारी
प्रत्येक स्टूडेंट को अलग—अलग प्रश्नपत्र देना काफी चेलेंजिंग साबित होगा, लेकिन इससें स्टूडेंट्स को दूरगामी फायदे मिलेंगे। भिन्न प्रश्नपत्र आने पर स्टूडेंट्स पूरे सिलेबस की अच्छी तैयारी कर सकेंगे। इसके अलावा वो पुराने प्रश्नपत्रों को पढ़ने में भी समय नहीं गवाएंगे। ऐसा होने पर स्टूडेंट्स पढ़ाई में मजबूत जिसका फायदा मेडिसिन और इंजिनियरिंग क्षेत्रों को मिलेगा।
अपॉर्चूनिटी की संख्या कम होगी
प्रत्येक स्टूडेंट के लिए भिन्न प्रश्नपत्र होने से उनके मन में यह भाव आएगा कि दूसरे स्टूडेंट का प्रश्नपत्र अलग था या उसका ज्यादा सरल था। लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि प्रत्येक प्रश्नपत्र को डिफिकल्टी के आधार पर समान बनाया जाएगा।
स्टूडेंट्स में सेल्फ स्टडी का बढ़ेगा क्रेज
यूनिक और भिन्न पेपर होने से स्टूडेंट्स की कोचिंग इंस्टीट्यूट्स पर से निरर्भता कम होगी और वो सेल्फ स्टडी पर ज्यादा फोकस करेंगे। साथ ही पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर स्टूडेंट्स की समस्या सुलझाने व उन्हें गाइड करने के नाम मोटी कमाई करने वाले कोचिंग इंस्टीट्यूट्स की संख्या कम होगी।
परिणाम के प्रति असंतुष्टता
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा प्रत्येक स्टूडेंट को भिन्न प्रश्न पत्र दिए जाने के बाद उसका परिणाम पर्सेंटाइल आधार पर जारी किया जाएगा। ऐसा होने से स्टूडेंट्स के मन परिणाम के प्रति असंतुष्टता का भाव पैदा होगा।