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नहीं कराई ई-केवाईसी तो रुक सकता है राशन

अब ई-केवाईसी नहीं कराने वाले सदस्यों का राशन ब्लॉक हो सकता है। खाद्य संचालनालय ने 20 जुलाई तक ई-केवाईसी नहीं होने का कारण सहित पूरी जानकारी मांगी है। फिलहाल सरकार से नए दिशा निर्देश का इंतजार है।
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अब ई-केवाईसी नहीं कराने वाले सदस्यों का राशन ब्लॉक हो सकता है। खाद्य संचालनालय ने 20 जुलाई तक ई-केवाईसी नहीं होने का कारण सहित पूरी जानकारी मांगी है। फिलहाल सरकार से नए दिशा निर्देश का इंतजार है।

बालोद जिले के 2 लाख 42 हजार 190 राशन कार्डधारियों के 8 लाख 79 हजार 699 सदस्यों में से कुल 8 लाख 15 हजार 656 लोगों ने ही ई-केवाईसी करवाई है। जबकि 64 हजार 43 सदस्यों ने शासन के आदेश के बाद भी ई-केवाईसी नहीं कराई है। अब ई-केवाईसी नहीं कराने वाले सदस्यों का राशन ब्लॉक हो सकता है। इसमें से 5 वर्ष से कम उम्र सदस्य 38 हजार 139 बच्चों को ई-केवाईसी नहीं करना पड़ेगा। इनके लिए छूट है। खाद्य संचालनालय ने 20 जुलाई तक ई-केवाईसी नहीं होने का कारण सहित पूरी जानकारी मांगी है। फिलहाल सरकार से नए दिशा निर्देश का इंतजार है।

अस्वीकृत कराने वाले को दोबारा ई-केवाईसी कराना होगा

जिला खाद्य विभाग के मुताबिक जिले के राशन कार्डधारियों व सदस्यों में 25904 सदस्य के मुखिया सहित परिवार के सदस्यों ने भी ई-केवाईसी नहीं कराई है। विभागीय सूत्रों की माने तो अभी और समय दिया जा सकता है या सीधे ब्लॉक करने की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही जिन्होंने ई-केवाईसी कराई है, लेकिन अस्वीकृत, ऐसे लोगों को दोबारा ई-केवाईसी कराना होगा।

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इसलिए नहीं हो रहा ई-केवाईसी

फिंगरप्रिंट का मेल न खाना : बुजुर्गों और बच्चों के हाथों की लकीरें घिस जाने या कमजोर होने के कारण फिंगरप्रिंट मशीन में दर्ज नहीं हो पाते हैं।
आधार कार्ड में पुरानी जानकारी : आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि की स्पेलिंग राशन कार्ड से अलग है, तो सिस्टम ई-केवाईसी को स्वीकार नहीं करता। बच्चों का आधार अपडेट नहीं हुआ है तो भी ई-केवाईसी नहीं हो पाएगा।
मोबाइल नंबर लिंक न होना: कई लोगों के आधार कार्ड से उनका वर्तमान मोबाइल नंबर लिंक नहीं होता है, जिससे ओटीपी प्राप्त नहीं होने से भी ई-केवाईसी नहीं हो रहा।

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अब राशन मिलना बंद न हो जाए

सरकार के आदेश के तहत पंजीकृत प्रत्येक कार्ड सदस्य को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य था। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लोगों को अपात्र मान लिया जाएगा। मामले में जिला खाद्य अधिकारी तुलसी राम ठाकुर ने बताया कि अभी सरकार से राशन कटौती के विषय पर कोई आदेश नही आया है।

डिजिटल सत्यापन के लिए जरूरी

उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से डिजिटल सत्यापन किया जाता है। इस प्रणाली के माध्यम से तय किया जाता है कि लाभार्थी वास्तविक, जीवित या पात्र है कि नहीं। इसके जरिए फर्जी, मृत और दोहरे राशन कार्डधारकों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर किया जा सकता है।

17 जुलाई तक शासन को भेजी जाएगी जानकारी

उन्होंने बताया कि शासन ने ई-केवाईसी नहीं कराने वाले हितग्राहियों व सदस्यों की जानकारी मांगी है। हमने जिले के सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के सेल्समैनों को इसकी जानकारी दे दी है। 17 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। 20 जुलाई को पूरी जानकारी शासन को भेजनी है। शासन के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फैक्ट फाइल

जिले में कुल राशन कार्डधारी 2 लाख 42 हजार 190
कुल सदस्य 8 लाख 79 हजार 699
ई-केवाईसी 8 लाख 15 हजार 656 लोगों ने कराया
64043 ने ई-केवाईसी नहीं कराया है।
5 वर्ष से कम उम्र सदस्यों की संख्या 38139 है, इन्हें ई-केवाईसी नहीं कराना है।
बचे हुए 25904 सदस्यों को ई-केवाईसी कराना है।