
बालोद जिले के सर्व आदिवासी समाज ने जामड़ी पाटेश्वरधाम में संत राम बालक दास पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। इस मामले की शिकायत साल 2020 में भी की थी। तत्कालीन डीएफओ ने अवैध कब्जा हटाने का नोटिस दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से नाराज आदिवासी समाज समय-समय पर आंदोलन किया। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होने से जिले के सर्वआदिवासी समाज शासन व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
आदिवासी समाज के सैकड़ों महिला पुरुषों ने पुलिस विभाग के दो -दो बैरिकेड को तोड़ दिया। कलेक्ट्रेट के मुख्य दरावजे को भी प्रभावित कर समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट के अंदर प्रवेश किया। आदिवासी समाज के विरोध प्रदर्शन के आगे पुलिस प्रशासन बेबस नजर आया। हालांकि इस कार्रवाई में कुछ महिला पुलिस कर्मियों के पैर में हल्की चोट भी आई।
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काफी देर तक हंगामा व प्रदर्शन के बाद आखिरकार शाम साढ़े 6 बजे जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, जिला पंचायत सीईओ सुनील कुमार चंद्रवंशी, वर्तमान डीएफओ अभिषेक अग्रवाल व एसपी योगेश पटेल लोगों के सामने आए। आदिवासी समाज के लोगों से कहा कि जो भी गलत काम व अवैध निर्माण हो रहा है, उसे हटाया जाएगा। आदिवासी समाज के प्रमुख 6 मांगों पर सहमति के बाद लगभग 7 बजे आंदोलन समाप्त किया गया।
आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष प्रेमलाल कुंजाम ने कहा कि हमारी मांग साल 2020 से चल रही है। पता नहीं अवैध निर्माण व अवैध कार्यों पर प्रशासन क्यों कार्रवाई नहीं करता। हम कलेक्टर से मिलने आए हुए हैं। कलेक्टर मिलना ही नहीं चाहती। लोगों की जिद थी कि कलेक्टर से मिलकर बात करेंगे। नहीं आई तो उनके इंतजार में कलेक्टर परिसर में चूल्हा जलाया और खाना बनाने की तैयारी में जुट गए।
अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि वहां जितने भी अवैध निर्माण हो रहे हैं। सभी पर तत्काल रोक लगा दी गई है। डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में, जो आवेदन आए हैं, उसे पुन: जीवित कर 15 दिवस के भीतर कार्रवाई की जाएगी। एसपी योगेश पटेल ने भी दर्ज मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। सभी मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद आदिवासी समाज ने आंदोलन समाप्त किया।
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बालोद को जिला बने 14 साल हो गए हैं। यह पहली बार है, जब जिला कलेक्ट्रेट में इस तरह का आंदोलन हुआ। आदिवासी समाज अपनी मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन किया। 6 साल बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे वे नाराज थे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर अग्निशमन वाहन से पानी की बौछार की गई। इसके बाद सभी प्रदर्शन कर रहे लोग भागने लगे। फिर सभी इकट्ठा होकर बैरिकेड तोड़ दिया।
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बीएस रावटे प्रांतीय अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज गोडवाना, सचिव विनोद नागवंशी, अकबर कोर्राम गोंड़वाना गोड महासभा, हेमलाल मरकाम, राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष गोंड़वाना गणतंत्र, तुकाराम कोर्राम जिला अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज सहित समाज के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि 15 दिवस के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।