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तय समय पर 50 प्रतिशत काम नहीं करने पर ठेका निरस्त

सड़क निर्माण तय समय पर पूरा नहीं करने पर लोक निर्माण विभाग ने ठेका कंपनी विकास कंस्ट्रक्शन राजनांदगांव से अनुबंध निरस्त कर दिया।

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सड़क निर्माण तय समय पर पूरा नहीं करने पर लोक निर्माण विभाग ने ठेका कंपनी विकास कंस्ट्रक्शन राजनांदगांव से अनुबंध निरस्त कर दिया।

Chhattisgarh News: बालोद जिले के जगन्नाथपुर से दरबारीनवागांव तक सड़क निर्माण तय समय पर पूरा नहीं करने पर लोक निर्माण विभाग ने ठेका कंपनी विकास कंस्ट्रक्शन राजनांदगांव से अनुबंध निरस्त कर दिया। अब नए सिरे से बचे कार्य का रीटेंडर होगा और सड़क का निर्माण पूरा कराया जाएगा। अनुबंध निरस्त करने से पहले लोकनिर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता पूर्णिमा चंद्रा ने ठेका कंपनी के लोगों को फटकार भी लगाई। ठेकेदार की लापरवाही की वजह से पक्की सड़क के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। सड़क निर्माण शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी थी। अब काम बंद होने से ग्रामीण परेशान हैं।

7.19 करोड़ से बनानी थी सड़क

लोक निर्माण विभाग के मुताबिक सड़क की स्वीकृति 2025 में हुई थी। 7 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत से कुल 6 किमी सड़क जगन्नाथपुर से दरबारी नवागांव तक बनानी थी। 11 अगस्त 2025 को वर्क ऑर्डर जारी हुआ था। काम को 10 अप्रैल 2026 तक पूरा करना था। ठेकेदार ने कुछ छोटी पुलिया ही बनाई और लगभग 20 से 30 प्रतिशत ही काम हुआ।

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काम पूरा करने पर लगातार नोटिस

लोक निर्माण विभाग ने कार्य की धीमी प्रगति देख लगातार नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई और अंतत: काम अधूरा छोड़ दिया।

20 साल से पुरानी मांग

ग्रामीणों व क्षेत्र के जनपद सदस्य ने 20 साल से खराब सड़क की जगह पक्की सड़क निर्माण करने की मांग कर रहे थे। लगातार मांग के शासन से सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली, लेकिन यहां भी लापरवाही बरती गई। अब ग्रामीणों, स्कूली बच्चों व राहगीरों को खराब सड़क का ही सहारा लेना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द सड़क निर्माण का कार्य पूरा किया जाए।

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Chhattisgarh News: 50 फीसदी भी काम पूरा नहीं हुआ

लोक निर्माण विभाग बालोद के ईई पूर्णिमा चंद्रा ने कहा कि जगन्नाथपुर से दरबारी नवागांव तक कुल 6 किमी सड़क का काम 11 अप्रैल तक पूरा करना था, लेकिन काम 50 फीसदी भी नहीं हुआ। इसलिए उनका अनुबंध निरस्त किया गया है। लोकनिर्माण विभाग मुख्य कार्यालय में अग्रिम कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं अब सड़क निर्माण रीटेंडर होने के बाद पुन: शुरू किया जाएगा।