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रेत खदानें बंद, रात में नदी से हो रही अवैध खनन

खनिज विभाग का दावा है कि जिले के सभी रेत खदान बंद हैं। किसी भी खदान से अवैध रेत खनन नहीं हो रहा। हकीकत यह है जिले के अधिकांश खदानों से अवैध रेत का खनन हो रहा है।
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खनिज विभाग का दावा है कि जिले के सभी रेत खदान बंद हैं। किसी भी खदान से अवैध रेत खनन नहीं हो रहा। हकीकत यह है जिले के अधिकांश खदानों से अवैध रेत का खनन हो रहा है।

बालोद जिले में 38 रेत खदान संचालित हैं। खनिज विभाग का दावा है कि जिले के सभी रेत खदान बंद हैं। किसी भी खदान से अवैध रेत खनन नहीं हो रहा। हकीकत यह है जिले के अधिकांश खदानों से अवैध रेत का खनन हो रहा है। जून में ही खनिज विभाग ने नदी में रेत खनन करते जेसीबी व अवैध रेत भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। रात में रेत खनन ज्यादा किया जा रहा है। कई जगहों में दिन दहाड़े रेत खनन का भी मामला सामने भी आया है। जब नियम के तहत 10 जून से शासन ने रेत खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है फिर भी चोरी छिपे रेत खनन हो रहा है। कुछ माफिया ने अवैध रूप से रेत का भंडारण किया है। हालांकि विभाग कार्रवाई कर रहा है।

इन स्थानों से अवैध रूप से रेत खनन जारी

जिले के ग्राम पोंड़, भैसमुड़ी एवं ग्राम अलोरी की सीमा से होकर गुजरने वाली महानदी से लगातार अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। इसके अलावा तांदुला नदी के दायरे में आ रहे गुंडरदेही, रंगकठेरा, सिकोसा, सिंगनवाही, बेलौदा, हरठिमा, नेवारीकला, पड़कीभाट, टेकापार, बघमरा, चंदनबिरही, रौना, देवीनवागांव, अरौद, मर्रामखेडा़, गोड़पाल सहित अन्य स्थानों मे अवैध रेत खनन की जानकारी मिलती रहती है।

रात के अंधेरे में ऐसे होता है रेत का खनन

जिले में अभी सबसे ज्यादा अवैध रेत खनन का मामला गुंडरदेही ब्लॉक में सामने आया है। यहां के रेत खदानों में दिन में तो सब शांत रहता है, लेकिन रात के समय नदी में रेत खनन शुरू हो जाता है। बताया जा रहा है इस क्षेत्र में ग्राम पंचायतों की अनुमति से अवैध खनन हो रहा है। फिलहाल खनिज विभाग ने साफ कहा कि जहां-जहां भी अवैध रेत खनन की जानकारी मिलती है, वहां कार्रवाई की गई है। अभी भी शिकायत पर कार्रवाई जारी है।

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रेत खदान बंद, फिर भी अवैध रूप से भंडारण

जिले में अवैध रेत खनन का सबसे बड़ा सबूत गुंडरदेही क्षेत्र में मिला। हाल ही में खनिज विभाग ने गुंडरदेही क्षेत्र में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण करने वालों पर कार्रवाई की। रेत माफिया जान रहे हैं कि रेत खदान बंद है और नदियों से रेत का खनन नहीं कर सकते। ऐसे में चोरी छिपे रेत खनन कर रेत का भंडारण कर रहे।

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अवैध खनन व भंडारण पर खनिज विभाग ने की कार्रवाई

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार खनिज विभाग की टीम ने आज बालोद एवं गुरुर विकासखंड क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। रेत का अवैध परिवहन करते पर खनिज तीन हाइवा वाहनों को जब्त किया गया। जब्त वाहनों को बालोद एवं सनौद के थाना एवं आरक्षी केंद्र की अभिरक्षा में रखा गया है। जिला खनि अधिकारी प्रवीण चंद्राकर ने बताया कि अवैध खनिज गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए नियमित जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बीते साल रेत खनन को लेकर मारपीट भी हो चुकी

रेत के लिए बालोद जिले में मारपीट की घटना भी हो चुकी है। प्रदेश में सबसे ज्यादा अवैध रेत खनन व खनिज माफियाओं के हत्या व मारपीट की घटना भी सामने आ चुकी है। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं आया है। आज भी बिना अनुमति चोरी छिपे अवैध रेत का खनन जारी है। ग्राम पंचायतों की सहमति से रेत माफिया छोटे वाहन ट्रैक्टर व डंपर से रातभर खुदाई कर रेत को डंप कर मार्केट में बेचते है। वहीं जिला खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर ने कहा कि जिले में एक भी रेत खदान चालू नहीं है।