फरीदाबाद

तड़पती रही गर्भवती महिला, न डॉक्टर मिले न नर्स! फरीदाबाद PHC के बाहर बच्चे के जन्म से हड़कंप

Faridabad PHC Medical Negligence: फरीदाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। गेट बंद होने और मेडिकल स्टाफ के मौजूद नहीं होने के चलते एक महिला की पीएचसी के बाहर ही डिलीवरी हो गई।
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Sep 03, 2026
Faridabad PHC Pregnant Woman Delivery
फरीदाबाद में गंभीर लापरवाही! PHC का गेट बंद मिला, बाहर ही महिला ने दिया बच्चे को जन्म (AI/प्रतीकात्मक तस्वीर)

हरियाणा के फरीदाबाद से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लेकर परिजन पहुंचे थे, लेकिन मुख्य गेट बंद होने और ड्यूटी पर किसी डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ के मौजूद न होने के कारण पीएचसी के बाहर ही बच्चे को जन्म हो गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद था और काफी देर तक डॉक्टर तथा नर्सिंग स्टाफ भी उपलब्ध नहीं था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने धौज पीएचसी के वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी (SMO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एसएमओ को घटना के संबंध में जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।

तड़के 3:30 बजे शुरू हुई प्रसव पीड़ा

जानकारी के मुताबिक, बली गांव की रहने वाली नूरजहां को रविवार तड़के करीब 3:30 बजे तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद उनके पति मोहसिन अपने रिश्तेदारों के साथ उन्हें लेकर धौज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। परिवार का आरोप है कि जब वे पीएचसी पहुंचे तो मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को तलाशने की कोशिश की, लेकिन उस समय कोई कर्मचारी नहीं मिला। काफी कोशिशों के बाद एक चौकीदार को बुलाया गया। उसके आने के बाद अस्पताल का गेट खोला गया और नूरजहां को अंदर ले जाया गया।

करीब एक घंटे तक नहीं पहुंचा नर्सिंग स्टाफ

महिला के पति मोहसिन का आरोप है कि नूरजहां को अस्पताल के अंदर ले जाने के बावजूद करीब एक घंटे तक नर्सिंग स्टाफ वहां नहीं पहुंचा। इस दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती गई और आखिरकार मेडिकल सहायता मिलने से पहले ही स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ही बच्चे का जन्म हो गया।

परिवार ने इस पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। घटना के दो दिन बाद वीडियो सामने आया, जिसमें प्रसव के बाद महिला को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर बैठे हुए देखा जा सकता है।

सिविल सर्जन ने SMO को भेजा नोटिस

मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने मामले का संज्ञान लिया और बुधवार को धौज पीएचसी के SMO को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में पूछा गया है कि स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य गेट बंद क्यों था, उस समय डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कहां थे और ऐसी स्थिति क्यों बनी कि महिला को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर बच्चे को जन्म देना पड़ा। उन्हें पूरे मामले पर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।

मां और नवजात की हालत स्थिर

परिजनों का कहना है कि मेडिकल सहायता मिलने में हुई देरी से उन्हें काफी परेशानी और तनाव का सामना करना पड़ा। इस लापरवाही से मां और नवजात दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चे के जन्म के बाद भी उन्हें स्वास्थ्य कर्मचारियों के आने का इंतजार करना पड़ा।

बाद में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने महिला और नवजात की जांच की और दोनों को उपचार दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत स्थिर थी और उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

चार महीने पहले भी सामने आया था ऐसा मामला

फरीदाबाद में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इस तरह की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। करीब चार महीने पहले सेक्टर-3 स्थित 30 बेड वाले फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) अस्पताल में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। मई में एक महिला ने अस्पताल परिसर में बच्चे को जन्म दिया था। उस समय भी परिवार को रात के समय कोई कर्मचारी नहीं मिला था। मामले की जांच के बाद दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।

Updated on:
03 Sept 2026 11:32 am
Published on:
03 Sept 2026 10:48 am