
Faridabad Rajiv Colony Murder: हरियाणा के फरीदाबाद की राजीव कॉलोनी में 30 जून की रात छत पर सो रहे 26 साल के युवक विपिन यादव की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विजय को दबोच लिया है। वारदात के बाद शुरुआत में पुलिस ने हत्या के प्रयास (अटेंप्ट टू मर्डर) का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन 2 जुलाई की रात दिल्ली के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान विपिन ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद केस में हत्या की धारा जोड़ दी गई है।
क्राइम ब्रांच के एसीपी अमन यादव ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीमों ने फरीदाबाद, मैनपुरी और कानपुर समेत कई इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश दी। आखिरकार, तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर 3 जुलाई को आरोपी विजय (28) को फरीदाबाद के जेसीबी चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी मूल रूप से मैनपुरी के नंगला पीपल का रहने वाला है और फिलहाल इटावा के जसवंत नगर में रह रहा था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। दरअसल, शिकायतकर्ता महिला अपने पहले पति को छोड़ कर पिछले सात-आठ साल से आरोपी विजय के साथ लिव-इन में रह रही थी। इसी बीच, पिछले दो-तीन साल से महिला की नजदीकियां पड़ोसी गांव विनायकपुर के रहने वाले विपिन यादव से बढ़ गईं। महिला पहले भी दो बार विजय को छोड़ कर विपिन के साथ भाग चुकी थी। जून 2026 के पहले हफ्ते में महिला फरीदाबाद में अपनी बहन और भाभी से मिलने आई और फिर उसने विजय के साथ गांव लौटने से साफ इनकार कर दिया।
जब महिला ने फरीदाबाद में ही रहने की जिद की, तो विजय ने खुद राजीव कॉलोनी में उसे एक किराए का कमरा दिला दिया। लेकिन कुछ समय बाद विपिन यादव भी वहीं आ गया और महिला के साथ रहने लगा। विजय ने कई बार महिला को समझाने और वापस घर ले जाने की कोशिश की, लेकिन महिला ने साफ कह दिया कि वह अब विपिन के साथ ही रहेगी।
पुलिस के मुताबिक, इसी बात से बौखलाकर विजय ने दोनों को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। 30 जून की रात वह एक देसी कट्टा लेकर राजीव कॉलोनी वाले कमरे पर पहुंचा। उसने किसी को शक नहीं होने दिया; सबने साथ बैठकर खाना खाया और फिर गर्मी के कारण छत पर सोने चले गए। देर रात जब सब गहरी नींद में थे, विजय ने सोते हुए विपिन के सिर में गोली मार दी। गोली की आवाज से जब महिला और आसपास के लोग जागे, तो पकड़े जाने के डर से विजय वहां से भाग निकला, जिससे महिला की जान बच गई।
पूछताछ में आरोपी विजय ने कबूल किया है कि उसने वारदात को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में ही अपने एक परिचित से करीब 6,000 रुपए में एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस खरीदे थे। क्राइम ब्रांच अब उस शख्स की तलाश में जुटी है जिसने आरोपी को अवैध हथियार सप्लाई किया था। मामले की विस्तृत जांच जारी है।