
Kanungo arrested: फर्रुखाबाद में एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए कानूनगो रंगे हाथ गिरफ्तार किया है जो खेत की पैमाइश करने के नाम पर रिश्वत ले रहे था। जिसका सौदा 30000 में तय हुआ था जबकि कानूनगो 40 हजार की मांग कर रहा था। इस संबंध में पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम में शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम में जाल बिछाया और कानूनगो को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पीड़ित को अपनी योजना बताई। जिसके बाद एंटी करप्शन टीम को सफलता मिली और कानूनगो को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जिसे लेकर कोतवाली आ गए। मामला फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र का है।
उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी-करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सदर तहसील में तैनात कानूनगो विमल श्रीवास्तव और सहयोगी ऋषभ सक्सेना को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत वीरपुर नदी गांव निवासी सर्वेश शाक्य खेती-किसानी का काम करता है। उसने अपनी जमीन की पैमाइश करने के लिए कानूनगो विमल श्रीवास्तव से बातचीत की।
सर्वेश शाक्य से बातचीतके दौरान कानूनगो ने खेत की पैमाइश के लिए 40 हजार रुपए की मांग की। इस पर सौदेबाजी हुई और 30 हजार रुपए में मामला तय हुआ। सर्वेश शाक्य ने एंटी-करप्शन टीम में इसकी शिकायत की। मामले की जानकारी मिलते ही एंटी-करप्शन टीम ने प्राइमरी जांच की और मामला सही पाया गया। इसके बाद उन्होंने कानूनगो को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। एंटी-करप्शन को रिश्वत की रकम दी और विमल श्रीवास्तव को देने के लिए कहा।
पूर्व योजना के अनुसार सर्वेश शाक्य और ऋषभ उर्फ पवन के साथ कानूनगो के घर बजरिया पहुंचे, जहां उसने तय रकम 30 हजार की 15 हजार रुपए की पहली किस्त दी। बताते हैं कि जैसे ही कानूनगो ने नोट गिनना शुरू किया, वैसे ही एंटी-करप्शन की टीम ने छापा मार दिया और नोट सहित कानूनगो को गिरफ्तार कर लिया।
इसके साथ ही पुलिस ने ऋषभ उर्फ पवन को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसे लेकर एंटी-करप्शन टीम कोतवाली आ गई। कानूनगो की गिरफ्तारी की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में लेखपाल और अन्य सहयोगी कोतवाली पहुंच गए, जिन्होंने कानूनगो से मिलने का प्रयास किया। शुरुआती दौर में किसी को भी कानूनगो से मिलने की इजाजत नहीं थी। बाद में कानूनगो से बातचीत कराई गई।