Cheap potatoes become farmers problem. फर्रुखाबाद में आलू के दाम इतने कम हो गए कि किसानों की लागत नहीं निकल रही है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। कई किसान खेत में ही ट्रैक्टर चलवा दे रहे हैं।
Cheap potatoes become farmers problem. फर्रुखाबाद में आलू के दाम लागत से भी कम होने पर किसान परेशान हैं। मंडी में भारी मात्रा में आलू पहुंच रहा है। जिससे रेट बढ़ने का नाम नहीं ले रहा है। किसानों का कहना है कि उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। जो दाम बाजार में मिल रहे हैं उनसे लागत नहीं निकल रही है। अब किसान कोल्ड स्टोरेज में रखने के लिए हाथ-पैर चला रहे हैं। फर्रुखाबाद में सातनपुर की मंडी में आलू का बहुत बड़ा व्यापार है। यहां से पूरे प्रदेश में आलू की सप्लाई जाती है।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के सातनपुर मंडी में किसानों को आलू के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान खेत में ही आलू पर ट्रैक्टर चलवा दे रहे हैं। इधर सातनपुर मंडी में भारी मात्रा में आलू पहुंच रही है। किसानों के अनुसार सातनपुर मंडी में आलू 351 रुपए से 521 रुपए प्रति कुंतल बिक रहा है। इस संबंध में संतोष कुमार ने बताया कि इस कीमत में आलू की लागत भी नहीं निकल पा रही है। दूसरी तरफ कोल्ड स्टोरेज में जगह नहीं मिल रही है।
राजेश कुमार के अनुसार दिसंबर 2024 में नए 1700 से 1800 रुपए प्रति कुंतल का भाव मिला था। इसी लालच में किसानों ने आलू को कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा। लेकिन अब बाजार में उसे वह भाव नहीं मिल रहा है। एक अन्य किसान ने बताया कि उसने 4 एकड़ में आलू की फसल को बोया था। इस बार फसल अच्छी हुई है, इसके बावजूद लागत नहीं निकल रही है। अब किसान अपने आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखवाने का प्रयास कर रहा है ताकि आलू की अच्छी कीमत मिल जाए।