एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि पेट दर्द की शिकायत के बाद वह गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर के पास दवा लेने गयी थी।
फर्रुखाबाद. एक युवती ने झोलाछाप डॉक्टर पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि वह क्लीनिक में दवा लेने गयी थी। वहां डॉक्टर ने बदनीयती से उसे दबोच लिया और छेड़खानी करने लगा। शिकायत के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसे छोड़ दिया।
मामला राजेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां की एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि पेट दर्द की शिकायत के बाद वह गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर के पास दवा लेने गयी थी। पेट की जांच के बहाने डॉक्टर ने उसे अंदर बुलाया और क्लीनिक बंद कर लिया। चेकिंग के बहाने वह महिला से छेड़खानी करने लगा। उसने विरोध किया तो उसे मारापीटा। पीड़िता ने बताया कि वह उससे गंदा काम करने पर उतारू था, लेकिन वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। इसके बाद डॉक्टर ने क्लीनिक का गेट खोलकर उसे जाने दिया।
...और करा दिया समझौता
क्लीनिक से बाहर निकलकर पीड़िता ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज कराया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। मामला एक ही गांव का होने कारण गांव के कुछ लोगों ने पुलिस से मिलकर पीड़िता पर दबाब डालकर समझौता करा दिया।
चर्चा में पुलिसिया कार्रवाई
पुलिसिया कार्रवाई लोगों में चर्चा का विषय बनी है। एक तरफ यह भी चर्चा चल रही है कि इन दोनों में पहले भी इस प्रकार का झगड़ा हुआ था, जिसमे लेनदेन के बाद समझौता कर लिया गया था।
लोगों ने कहा- आरोपी को मिलनी चाहिये थी सजा
लोगों ने कहा कि डॉक्टर ने युवती के साथ दवा देने के बहाने उससे छेड़खानी की। पुलिस ने पकड़ भी लिया था, लेकिन पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टर के बारे में सीएमओ को सूचना क्यों नहीं दी। कल वह किसी दूसरी लड़की को अपना शिकार बना सकता है।
पुलिस ने कहा इसलिये छोड़ा
एसओ अंगद सिंह ने बताया कि हम डॉक्टर से पूछताछ ही कर रहे थे कि दोनों पक्ष समझौता की कॉपी लेकर आ गए। मैंने पीड़ित युवती से साफ कह दिया कि चाहो तो अभी भी मुकदमा दर्ज हो सकता है, लेकिन उसने साफ मना कर दिया था। इस वजह से डॉक्टर को छोड़ना पड़ा।
खूब फलफूल रहीं झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें
कानूनन बिना डिग्री के कोई डॉक्टर किसी का इलाज नहीं कर सकता है, लेकिन जिले के अधिकारियों की मेहरबानी से झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें खूब फल-फूल रही हैं।