Farrukhabad Fiza in Iran: फर्रुखाबाद की रहने वाली फिजा ईरान में शरण की पढ़ाई करने गई है। यहां घरवाले बेटी के लिए परेशान हैं। पिता ने बताया कि आज सुबह फिजा से बातचीत हुई है।
Farrukhabad Fiza in Iran: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद बदले माहौल में फर्रुखाबाद के रहने वाले मेराज हुसैन के घर में लोग चिंतित हैं। उनके घर के लोग अपनी बेटी के लिए परेशान हैं जो पढ़ाई करने के लिए ईरान गई है। इस समय युद्ध चल रहा है। अमेरिका और इजरायल हमले कर रहे हैं। इसी प्रकार के एक हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो चुकी है। मैराज हुसैन ने बताया कि उनकी बेटी फिजा आजमगढ़ में पढ़ाई कर रही थी यहां की पढ़ाई पूरी होने के बाद उसे मदरसा की तरफ से ईरान भेजा गया है। 3 साल के कोर्स के लिए ईरान गई
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद निवासी के घेरुशामू खां के निवासी मेराज हुसैन ने बताया कि उनकी बेटी फिजा 6 महीने पहले ईरान के कुम शहर में शरीयत की पढ़ाई करने के लिए गई है। जिसे आजमगढ़ के जामिया इमाम ए मेहंदी मदरसा से आगे की पढ़ाई के लिए भेजा गया है। फिजा ने आजमगढ़ के मदरसे से 5 साल का कोर्स पूरा कर लिया था। जो उर्दू, फारसी और अरबी भाषा में है। आगे की पढ़ाई के लिए ही मदरसे से उसे ईरान भेजा गया है, जहां वह 3 साल का कोर्स कर रही है।
मिराज हुसैन ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद बेटी से उनका संपर्क नहीं हो रहा था। जिससे चिंता हो रही थी, लेकिन आज सुबह बेटी फिजा से बातचीत हो गई है। उसने बताया कि हमले के बाद नेटवर्क बिगड़ गया था। उसने व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत की थी। फिजा का शहर कुम तेहरान से लगभग ढाई सौ किलोमीटर दूर है। फिलहाल कुम की हालत सामान्य है।
उन्होंने खामेनेई की मौत को शहादत बताया। बोले, "अल्लाह की राह में जो कुर्बान होता है, उसे शहादत का दर्जा दिया जाता है।" उनकी बेटी ने भी बताया कि खामेनेई साहब शहीद हो गए हैं। यह भी बताया कि भारत और ईरान के बीच अच्छे संबंध हैं। पिछले साल इजराइल से युद्ध के दौरान ईरान ने भारतीय बच्चों को वापस भेज दिया था। इस बार भी उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि हालत खराब होते हैं तो ईरान सरकार एक बार फिर बच्चों को वापस भेज देगी।