
Flood situation in Farrukhabad: फर्रुखाबाद गंगा का रोद्र रूप देखने को मिल रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने और घटने का क्रम जारी है। जिससे ग्रामीणों की मुसीबत और भी बढ़ जाती है। गंगाजल के वापसी में बड़ी कटान होती है। जिससे कि मकान के नींव भी हिल जाती है। स्थिति यह है कि करीब दो दर्जन मकान आंशिक रूप से या फिर पूरी तरह गिर चुके हैं। अब गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। जिससे मकान और सामान का मोह छोड़कर लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए पलायन कर चुके हैं। जरूरी सामान स्टीमर और नाव सुरक्षित किया जा रहा है। जिला प्रशासन में गांव खाली करने की मुनादी भी कर दी है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित लोगों को मदद दी जा रही है। मामला दिलीप की मड़ैया गांव का है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद करने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के सदर तहसील के दिलीप की मड़ैया गांव की स्थिति काफी खतरनाक है। गांव में करीब 41 मकान बने थे। जिनमें 31 मकान बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। खतरे को भांपते हुए लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही बड़े पैमाने पर कटान होगी। जिससे बचे मकानों को भी खतरा है।
दिलीप की मड़ैया के आसपास के गांवों की भी स्थिति खतरनाक होने जा रही है। गंगा का जल दिलीप की मड़ैया होते हुए अब दौली की मड़ैया गांव की तरफ बढ़ रहा है। यहां पर करीब 47 घर बने हैं। जिन पर भी खतरा मंडराने लगा है। गंगा के बढ़ने के साथ लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई है। खाने पीने से लेकर आवागमन की दिक्कत हो रही है। स्वास्थ्य समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि दिलीप की मड़ैया गांव में कटान के कारण 25 मकान बह गए थे। प्रभावित लोगों को राहत के रूप में 1 लाख बीस हजार दिए जा रहे हैं और पट्टा भी दिया जाएगा। जिससे कि वह अपना घर बना सके। आसपास के मजरों में भी पानी पहुंचने की आशंका है। कैंप लगाकर लोगों को राहत सामग्री दी जा रही है। पशुओं के लिए आहार का वितरण किया जा रहा है शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि गांव में जाकर बच्चों को पढ़ायें क्योंकि संपर्क मार्ग टूटने से बच्चे स्कूल नहीं आ सकते हैं। स्किन डिजीज, प्रेग्नेंट महिला, बच्चों का टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य कैंप लगाया जा रहा है। आवागमन के लिए मोटर वोट और स्टीमर की व्यवस्था की गई है।