
Farrukhabad SP apologized in high court फर्रुखाबाद की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा देकर माफी मांगी है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके पहले गिरफ्तार अधिवक्ता को अदालत में पेश करने तक एसपी को अदालत में ही रहने का आदेश दिया गया था। हाई कोर्ट के सामने से गिरफ्तार अधिवक्ता को अदालत में पेश करने के बाद ही एसपी को जाने की इजाजत मिली।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद की रहने वाली प्रीति यादव ने अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि बीते 8 सितंबर की रात 9 बजे सीओ, थाना प्रभारी कायमगंज अनुराग मिश्रा चार-पांच पुलिसकर्मियों के साथ घर पर आ गए और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें एक हफ्ते तक पुलिस हिरासत में रखा गया। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रीति यादव ने बताया कि दोनों से लिखित बयान भी ले लिया गया कि वह किसी प्रकार की शिकायत नहीं करेंगे और ना ही कोई याचिका का दाखिल करेंगे। जबकि दो दिन पहले ही याचिका दाखिल हो चुकी थी।
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रीति यादव के बयान को गंभीर माना। एसपी, सीओ और थाना प्रभारी कायमगंज को मंगलवार को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारी अदालत में हाजिर हुए। बहस के दौरान पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में प्रीति यादव ने अदालत को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
अदालत में प्रीति यादव पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे रही थी। इस समय हाई कोर्ट के बाहर उनके साथ आए अधिवक्ता को अवधेश मिश्रा और उनके बेटे को फर्रुखाबाद एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया और दोनों को फर्रुखाबाद ले जा रही है। अदालत को जब इस बात की जानकारी दी गई तो न्यायमूर्ति ने कहा कि जब तक अवधेश मिश्रा अदालत में पेश नहीं किए जाते हैं। पुलिस अधीक्षक न्याय कक्ष को छोड़कर नहीं जाएगी। इस आदेश से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अवधेश मिश्रा को अदालत में पेश किया गया।
इसके साथ ही अदालत ने पुलिस अधीक्षक को हलफनामा देने के लिए कहा। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने एक हलफनामा दाखिल किया है। जिसमें उन्होंने आदेश के अनुपालन करने की जानकारी दी है। इधर फर्रुखाबाद पुलिस ने इस खबर का खंडन किया है। जिसमें कहा जा रहा है कि उच्च न्यायालय ने 14 अक्टूबर के आदेश में एसपी को 15 अक्टूबर तक रुकने का आदेश दिया है। फतेहगढ़ पुलिस ने लिखा है कि 14 अक्टूबर के आदेश के आखरी लाइन में स्पष्ट लिखा है कि एसपी फतेहगढ़ स्वेच्छा से 15 अक्टूबर तक न्यायालय में उपस्थित रह सकती हैं।