
Flood situation in Farrukhabad is critical: फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। कई गांव में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। बीते दो दिनों में करीब 10 मकान गंगा में समा चुके हैं। कटरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में दहशत है। जिला प्रशासन बाढ़ पर निगाह बनाए हुए हैं। डीएम और एसपी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को जरूर की सामग्री उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। राहत शिविर में भोजन, पेयजल आदि की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा है। जिलाधिकारी ने कायमगंज तहसील के समेचीपुर चितार, शमशाबाद आदि क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। सदर, अमृतपुर और कायमगंज तहसील के गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों को आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कायमगंज तहसील के गांवों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। बीते दो दिनों से लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। जिसके कारण कायमगंज-अहमदगंज मार्ग पर पानी आ गया है। बुढ़ी गंगा पुलिया के ऊपर से बाढ़ का पानी बह रहा है। लोगों की खड़ी फसल बाढ़ के पानी में डूब चुकी है। किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
समेचीपुर चितार में बड़े पैमाने पर कटान हो रहा है। बीते दो दिनों में 10 मकान काटन की चपेट में आ चुके हैं। इधर रामगंगा बैराज से 13567 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि खो-बैराज से 2760 क्यूसेक और हरेली बैराज से 333 कि उसे पानी छोड़ा गया है। जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। रामगंगा भी चेतावनी बिंदु 136.60 से ऊपर बह रही है।
राजस्व विभाग की टीम क्षेत्र में भ्रमण कर रही है। लोगों को सुरक्षित आवागमन के लिए नाव और स्टीमर की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन करीब 15 परिवारों को स्टीमर के माध्यम से राहत शिविर में भेजा है। गंगा कटान के कारण लोगों की रात की नींद उड़ गई है। शमशाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर बाढ़ का पानी तेजी के साथ बह रहा है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से पुलिस वालों को लगाया गया है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बाल प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान कायमगंज तहसील के समेचीपुर चितार, शमसाबाद अनाज मंडी राहत शिविर को देखा। जिलाधिकारी ने राहत शिविरों व्यवस्था अच्छी रखने को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोजन, पेयजल के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को आश्वासन दिया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद पट्टे की भूमि आवंटित करने की कार्रवाई की जाएगी।