
फर्रुखाबाद. इस बार नौ देवियों का पर्व नवरात्रि इस बार 21 सितंबर से शुरू हो रहा है। नवरात्रि 21 सितम्बर से शुरू होकर 29 सितम्बर तक चलेगी। 21 सितम्बर दिन गुरूवार से शारदीय नवरात्रि 2017 का शुभारंभ हो रहा है। नवरात्रि में नौ दिनों तक सभी देवियों की पूजा आराधना की जाती हैं। इस त्यौहार में चाहे सुहागन हो कन्या नौ दिनों का व्रत रखती है। यह त्यौहार बंगाल के साथ पूरे भारत में बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस पूजा में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है।
नवरात्र मुहर्त
अश्वनी शुक्ल पक्ष शारदीय नवरात्र प्रारम्भ दिन गुरुवार को कलश स्थापना इसी दिन किया जायेगा। पंडित उदय त्रिपाठी के अनुसार नक्षत्र हस्त पूरे दिन रहेगा। कलश स्थापना समय-5:41 बजे से कन्या लग्न 7:54 बजे तक शुभ नाम की चौघड़िया रहेगी। जो भक्तगण उदय तिथि मानते हैं वो लोग कलश स्थापना 11:58 से 1:30 तक के समय के बीच में कलश स्थापन के साथ पूजा कर सकते हैं क्योंकि उसके बाद राहूकाल लग जाता है।
नवरात्र में इच्छा पूर्ति के लिए क्या करना चाहिए
जो लोग अपनी मन की इच्छा की पूर्ति के लिए व्रत रखकर पूजन करते हैं वह लोग यदि रात्रि में रामरक्षा स्त्रोत का पाठ प्रतिदिन करते हैं तो वह सिद्ध हो जाता है। नौ देवियों को मनाने के लिए नवरात्र नाम इसीलिए रखा गया जिससे भक्तगण रात में समय निकालकर उनकी आराधना कर सकें। यदि किसी को अपने व्यापार में परेशानियां पैदा हो रही हो वह लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ रात में करे तो वह परेशानियों से दूर हो जायेगा। जो भक्त इतना नहीं कर सकता है वह प्रतिदिन रात के समय भजन जरूर करे। देवी के पूजन में श्रृंगार का सामान जरूर अर्पित करे, क्योंकि देवी को लाल चुनरी और सिंदूर बहुत अधिक प्रिय है।
ऐसे तैयार करें कलश
- कलश तैयार करने के लिए सबसे पहले कलश पर स्वस्तिक बनायें।
- कलश के गले में मौली बांधें।
- कलश को थोड़े गंगा जल और शुद्ध जल से पूरा भर दें।
- कलश में साबुत सुपारी, फूल, दूर्वा, इत्र, पंचरत्न तथा सिक्का डालें व पांचों प्रकार के पत्ते डालें। कुछ पत्ते थोड़े बाहर दिखाई दें इस प्रकार लगाएँ। चारों तरफ पत्ते लगाकर ढ़क्कन लगा दें।
- इस ढक्कन में अक्षत यानि साबुत चावल भर दें।