
29 सितंबर से आश्विन मास की शारदीय नवरात्रि शुरू हो चूकी है और 7 अक्टूबर दिन सोमवार को नवमी तिथि के साथ समापन होगी। आश्विन मास की नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी तिथि को सुबह 108 एवं शाम को 108 बार माता दुर्गा के इन बीज मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जप श्रद्धापूर्वक जो भी भक्त करता है माता रानी उनकी सैकड़ों कामनाएं पूरी कर देती है। जानें नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी तिथि को कौन से मंत्रों का जप करने से मनोकामनाएं पूरी होने लगती है।
शारदीय नवरात्रि में अपनी राशि अनुसार करें ये चमत्कारी उपाय, माँ दुर्गा करेंगी हर मनोकामना पूरी
माँ आद्यशक्ति दुर्गा भवानी के नीचे दिए गए इन मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी को सुबह-शाम 108+108 बार जप करने के बाद नवमी तिथि को आम, पीपल, गुलर की सुखी लकड़ी में गाय के घी का हवन 108 आहुति देने के बाद 7 कन्या 7 साल से छोटी कन्याओं को भोजन करावें। ऐसा करने से माता रानी मन की सारी कामनाएं पूरी कर देती है। ध्यान रखें सुबह-शाम दोनों समय जप के समय गाय के घी का दीपक जलते रहना चाहिए। मौन एवं घर के शांत वातावरण या फिर किसी देवी मंदिर में जाकर भी उक्त मंत्रों का जप करना चाहिए।
देवता, मनुष्य या हो असुर इस स्तुति से प्रसन्न होकर सारे अपराध क्षमा कर देती है माँ दुर्गा
- माँ शैलपुत्री मंत्र - ऊँ ह्रीं शिवायै नम:।।
- माँ ब्रह्मचारिणी मंत्र - ऊँ ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।।
- माँ चन्द्रघंटा मंत्र - ऊँ ऐं श्रीं शक्तयै नम:।।
- माँ कूष्मांडा मंत्र - ऊँ ऐं ह्री देव्यै नम:।।
- माँ स्कंदमाता मंत्र - ऊँ ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।।
- माँ कात्यायनी मंत्र - ऊँ क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:।।
- माँ कालरात्रि मंत्र - ऊँ क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।।
- माँ महागौरी मंत्र - ऊँ श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।।
- माँ सिद्धिदात्री मंत्र - ऊँ ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।।
****************