
नई दिल्ली। बजट 2020 ( budget 2020 ) में भले ही बैंकिंग सेक्टर में कई तरह की राहत दी गई हों, बैंक मर्जर के माध्यम से उनकी बुक को स्ट्रांग करने का प्रयास किया गया हो, लेकिन बैंकिंग सेक्टर से बुरी खबरों के आने का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है। आरटीआई में 2019 की शुरूआती 3 तिमाहियों में देश के बैंकों को 1.17 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो या है। खास बात तो ये है कि कुल मामलों में से आधे से ज्यादा मामले मामले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के हैं। उसके बाद बाकी बैंकों का है। आइए आपको भी बताते हैं पूरी डिटेल...
बैंकों को बड़ा नुकसान
कई सख्त कदम उठाने के बाद भी बैंकिंग सेक्टर में फ्रॉड के मामले कम नहीं हुए हैं। इसमें लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। आरटीआई में खुलासे से जानकारी मिली है कि वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल से दिसंबर तक की तिमाहियों में बैंक फ्रॉड के कुल 8926 मामले सामने आए हैं। बैंक फ्रॉड की यह रकम 1.17 लाख करोड़ रुपए है। जबकि एक अप्रैल 2019 से 30 सितंबर 2019 की अवधि में 95,760.49 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के कुल 5,743 मामले सामने आए थे। यानी अक्टूबर से दिसंबर के बीच की तिमाही में बैंक फ्रॉड के 3183 मामलों का इजाफा हुआ है। अगर रकम की बात करें तो समान अवधि में 21250 करोड़ रुपए की राशि का फ्रॉड हुआ है। रिजर्व बैंक ने फ्रॉड के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। आरबीआई की ओर से यह भी नहीं बताया गया है कि बैंकों और कस्टमर को कितना नुकसान हुआ है।
किस बैंक में कितने मामलों का फ्रॉड
| बैंक का नाम | कुल कितने मामले | फ्रॉड की रकम ( रुपए में ) |
| एसबीआई | 4769 | 30,300 करोड़ |
| पीएनबी | 294 | 14,928.62 करोड़ |
| बीओबी | 250 | 11166.19 करोड़ |
| इलाहाबाद बैंक | 860 | 6781.57 करोड़ |
| बीओआई | 161 | 6626.12 करोड़ |
| यूनियन बैंक | 292 | 5604.55 करोड़ |
| आईओबी | 151 | 5556.64 करोड़ |
| ओरिएंटल बैंक | 282 | 4899.27 करोड़ |
| कैनरा बैंक | 1867 | 31600.76 करोड़ |