Personal Finance

नौ अक्टूबर को हड़ताल पर रहेंगे देशभर के बैंक कर्मचारी, कामकाज रहेगा ठप

बैंक कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी समेत कई मांगों को लेकर मुखर हैं।
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Oct 01, 2018
Bank Strike
नौ अक्टूबर को हड़ताल पर रहेंगे देशभर के बैंक कर्मचारी, कामकाज रहेगा ठप

नई दिल्ली। वेतन बढ़ोतरी समेत अन्य मुद्दों को सुलझाने की मांग कर रहे सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने एक बार फिर हड़ताल की तैयारी कर ली है। दरअसल विभिन्न मांगों को लेकर हाल ही इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच हुई बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई है। इस बैठक में आईबीए ने बैंक कर्मचारियों को परफॉरमेंस लिंक वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। लेकिन इस प्रस्ताव को बैंक यूनियंस ने खारिज कर दिया है। इस वार्ता के विफल होने के बाद बैंक यूनियंस ने आगामी 9 अक्टूबर को देश के सभी राज्यों की राजधानियों में धरना प्रदर्शन करने का एेलान किया है। एेसे में साफ है कि 9 अक्टूबर को प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंकों में कामकाज ठप हो सकता है।

ये हैं बैंक कर्मचारियों की मांगें

दरअसल सरकारी बैंकों के देशभर में फैले बैंक कर्मचारी वेतन निर्धारण प्रक्रिया को जल्द पूरी करने के साथ विभिन्न मांगों को लेकर मुखर हैं। इन मांगों में वेतन भत्तों में 6 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी, वेतन बढ़ोतरी में सभी ग्रेड के अधिकारियों को शामिल करने समेत अन्य सेवा शर्तों में सुधार की मांगें शामिल हैं। इन मांगों को लेकर सरकारी बैंकों के कर्मचारी पहले भी कई बार हड़ताल कर चुके हैं। हालांकि, आईबीए अभी भी बैंक कर्मचारियों को 6 फीसदी वेज रिवीजन के अपने पुराने ऑफर पर अड़ा हुआ है।

एनपीए से बढ़ रहा बैंकों का घाटा: कर्मचारी यूनियंस

दरअसल आईबीए बैंकों के घाटे का हवाला देते हुए कर्मचारियों को 6 फीसदी वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव दे रहा है। कर्मचारी यूनियंस इसका विरोध कर रही हैं। कर्मचारी यूनियंस का कहना है कि बैंकों का ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़ रहा है। लेकिन इस प्रॉफिट का 70 फीसदी हिस्सा एनपीए की प्रोविजनिंग में चला जाता है जिससे बैंकों का घाटा बढ़ रहा है। कर्मचारी यूनियंस का कहना है कि जन-धन, मुद्रा और अटल पेंशन जैसी सरकारी योजनाओं के कारण बैंक कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। एेसे में उनके वेतन में भी काम के अनुरूप बढ़ोतरी की जाए।

Published on:
01 Oct 2018 02:04 pm