
Home And Consumer Loan। नया वित्त वर्ष आम लोगों के लिए बड़ी खबर लेकर आया है। खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने कोविड 19 के दौरान मजबूरी में एनबीएफसी और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से ज्यादा ब्याज पर होम और कंज्यूमर लोन ( Home And Consumer Loan ) लिया था। नए वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही से उन्हें कम ब्याज देना होगा। यह नया नियम नए ग्राहकों के लिए भी लागू होगा। साथ ही उन पुराने ग्राहकों को भी फायदा होगा, जिन लोगों ने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया हुआ था। वास्तव में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एवरेज बेस रेट जारी कर ऐसे ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आरबीआई की ओर से नई ब्याज दरें क्या रखी हैं।
एवरेज बेस में की कटौती
आरबीआई क ओर से नया एवरेज बेस रेट जारी किया गया है। यह देश के पांच 5 बड़े कमर्शियल बैंकों का औसत बेस रेट है। 31 मार्च 2021 को समाप्त हुई तिमाही में इन बैंकों का एवरेज बेस रेट 0.15 फीसदी कम हो गया है। पहले यह रेट 7.96 फीसदी था, जो अब कम होकर 7.81 फीसदी हो गया है। खास बात तो ये है कि बीते दो सालों में पांच बैंकों का एवरेज बेस रेट 1.40 फीसदी तक कम हो चुका है। 30 जून 2019 को यही बेस रेट 9.21 फीसदी था।
हर तिमाही जारी नए बेस रेट
खास बात तो ये है कि यह बेस रेट रिजर्व बैंक प्रत्येक तिमाही में जारी करता है। जोकि एनबीएफसी और एमएफआई के लिए बेंचमार्क रेट का काम करते हैं। एनबीएफसी और एमएफआई की ब्याज दरें ज्यादा होती है। जिन्हें कंट्रोल करने के लिए रिजर्व बैंक की ओर से खास व्यवस्था की गई है। आरबीआई 5 बड़े कमर्शियल बैंकों का एवरेज बेस रेट जारी करता है, जो एनबीएफसी और एमएफआई के लिए बेंचमार्क रेट सेट करता है।